अब इस कार के सहारे कंपनी भारतीय सुपर स्पोर्ट्स कार बाजार में परिदृष्य बदलने की तैयारी में लगी हुई है। लेंबोर्गिनी के भारतीय कारोबार के प्रमुख शरद अग्रवाल ने अमर उजाला से विशेष बातचीत में बताया कि वह अलगे दो से तीन साल के दौरान भारत के सुपर स्पोर्ट्स कारों के बाजार में अपनी बिक्री को तीन गुना तक बढ़ाएंगे।
इस समय देश में हर साल करीब 70 सुपर स्पोर्ट्स कार बिक रहे हैं। इनमें से 40 फीसदी की हिस्सेदारी लेंबोर्गिनी की है। हर ग्राहक की पसंद-नापसंद के हिसाब से कार को तैयार किया जाता है। चाहे कार के इंटीरियर की बात करें या बाहरी सजावट और एसेसरीज की, सबमें ग्राहक की पसंद को तवज्जो दी जाती है। सिर्फकलर-ट्रिम में बात करें तो ग्राहकों केपास 35000 से भी ज्यादा विकल्प होते हैं।
भारत में इस तरह से अपने लिए अलग कार तैयार करवाने वाले शौकीन ग्राहकों की न तो पहले कमी थी, न अब है। जरूरत पड़ती है ग्राहक को इटली स्थित कार फैक्ट्री भी ले जाया जाता है।
लाजवाब आफ्टर सेल्स सर्विस
अग्रवाल का कहना है कि लेंबोर्गिनी की कार में कोई दिक्कत हो ना हो, कंपनी केमैकेनिक अपने हर ग्राहक तक पहुंचता है। कोई दिक्कत हुई तो फ्लाइंग टेकिभनशियन तत्काल वहां पहुंचता है, जहां कार है। चाहे वह कार देश के किसी भी हिस्से में क्यों न हो।
यही नहीं, कंपनी का एक टेकिभनशियन साल में एक बार इटली से भारत आता है और देश में बिके हर कार का गहन परीक्षण करता है। उनका कहना है कि कंपनी प्रीवेंटिव मेंटनेंस में विश्वास करती है ताकि ग्राहकों को कभी कोई दिक्कत नहीं हो।