इसके अलावा नए मोटर वाहन अधिनियम के तहत राज्य सरकार ने भारी वाहन के लिए जुर्माना 3,000 रुपये करने का निर्णय लिया है जबकि पहले यह 2,000 रुपये से 4,000 रुपये के बीच था।
यदि कोई वाहन चलाते समय मोबाइल फोन का उपयोग करते हुए पकड़ा गया है, तो जुर्माना 2,000 रुपये तय किया गया है जबकि पहले इस अपराध के लिए जुर्माना 1,000 रुपये से 5,000 रुपये के बीच होता था।
इसके अलावा ऑटो रेसिंग के लिए पहले जुर्माना 10,000 रुपये था जिसे घटाकर 5,000 रुपये कर दिया गया है। बिना परमिट के गाड़ी चलाने का जुर्माना 2,000 रुपये से 5,000 रुपये के बीच था। इसे अब 3,000 रुपये तय किया गया है। बिना सीट बेल्ट पहने या बिना हेलमेट के सवारी करने पर जुर्माने को 1,000 रुपये से घटाकर 500 रुपये कर दिया गया है। हालांकि, एंबुलेंस और फायर सर्विस को साइड नहीं देने के लिए जुर्माना 10,000 रुपये से घटाकर 5,000 रुपये कर दिया गया है। बिना बीमा के गाड़ी चलाने के जुर्म के लिए जुर्माने को 4,000 रुपये से घटाकर 2,000 रुपये कर दिया गया है। इस साल संसद ने जुलाई में मोटर वाहन (संशोधन) विधेयक, 2019 पारित किया था, जो सड़क यातायात नियमों को कड़ा करने का प्रयास करता। पहले जहां लोग ट्रैफिक नियमों का पालन नहीं करते थे वही अब कानून सख्त होने पर लोगों ने ट्रैफिक नियमों का पालन करना शुरू कर दिया है। अगर सभी लोग ट्रैफिक नियमों का सही तरीके से पालन करते हैं तो सड़क दुर्घटनाओं में काफी ज्यादा कमी आ सकती है।