जाड़ों में टायर प्रेशर मेनटेन करके रखें। जाड़ों में रोड पर चलते हुए अगर टायर प्रेशर कम होगा और कार कम प्रेशर पर चलाएंगे तो टायर में क्रेक्स आ सकते हैं। वहीं टायर में प्रेशर कम होगा, तो कार के माइलेज पर भी असर पड़ेगा। इसलिए कहीं बार जाने से पहले टायर का प्रेशर जरूर चेक कराते रहें।
जाड़ों में कार की बैटरी में वॉटर लेवल को हमेशा मेनटेन रखें, ऐसा करने से बैटरी पॉवर कम नहीं होती। वहीं जाड़ों में कई बार बैट्री के अंदर का पानी जम जाता है, जिससे करंट का फ्लो ठीक से नहीं हो पाता और बैट्री डाउन हो जाती है। इसलिए जाड़ों में कुछ अंतराल पर बैट्री के वोल्ट चैक कराते रहे हैं और बैट्री में पानी फुल रखें। अगर बैट्री ज्यादा डिस्चार्ज हो रही है, तो उसे बदल डालें।
Car Battery issues In Winter
जाड़ों में इंजन को ठीक रखना है, तो गाड़ी को स्टार्ट करने के बाद कम से कम एक मिनट तक इंजन का चालू रखें। इसका फायदा यह होगा कि इंजन ऑयल तब तक गाड़ी के हर पार्ट्स में पहुंच जाता है। इसका अलावा इस एक मिनट में फ्यूल पंप भी इलेक्ट्रिकल सिस्टम को प्रेशराइज कर देता है, जिससे बैट्री पर ज्ययादा बोझ नहीं पड़ता।
जाड़ों में गाड़ी के दरवाजों को लुब्रिकेंट करते रहें। इस सीजन में आमतौर पर दरवाजे जाम हो जाते हैं, जिससे वे आवाज करने लगते हैं। इसके लिए बेहतर होगा कि WD-40 Multi-Use Product Spray लगा सकते हैं। यह ऑनलाइन अमेजन, फ्लिपकार्ट पर भी मिलता है।
जाड़ों में कूलंट चेक करते रहें। संभव हो सके, तो 50-50 कूलंट और पानी मिक्स करें। अगर आपको लगता है कि कूलंट कम है, या लीक कर रहा है, तो उसे टॉपअप कर लें।
जाड़ों में गाड़ी का हीटर चेक करा लें, क्योंकि अकसर विंडशील्ड पर धुंध जम जाती है, जिसे हटाने में हीटर ही कारगर होता है।
जाड़ों के दौरान सुबह और शाम को फॉग की समस्या आती है। इसके लिए चेक करा लें कि गाड़ी की लाइट्स ठीक से काम कर रही हों। जाड़ों में व्हाइट एचआईडी लाइट्स इग्नोर करें। अगर बल्ब की रोशनी ठीक नहीं हैं, तो ज्यादा पॉवर के बल्ब लगवा लें।
चाहे विंटर सीजन हो या मानसून सीजन, वाइपर ब्लेडस को चेक करना भी बेहद जरूरी है। अगर वाइपर ब्लेड्स मे क्रेक्स हैं, तो वे आपकी विंडशील्ड पर स्क्रैच लगा सकते हैं। चाहें तो डबल ब्लेड वाइपर ब्लेड भी लगा सकते हैं।