कावासाकी और बजाज का भारतीय बाजार में काफी पुराना नाता रहा है लेकिन अब ये रिश्ता दोनों ही कंपनियां मिलकर खत्म कर रही हैं। बजाज की ओर से जारी एक आधिकारिक स्टेटमेंट में इस बात की पुष्टि की गई है कि 1 अप्रैल 2017 से इन दोनों ही कंपनियों का एक दूसरे से कोई रिश्ता नहीं रहेगा।
कावासाकी की जो मोटरसाइकिलें अब तक देश में बिकी हैं उनकी आफ्टर सेल्स सर्विस अब इंडिया कावासाकी प्राईवेट लिमिटेड अपने एंड पर करेगी। कावासाकी मोटर की स्थापना भारत में साल 2010 में हुई थी।
बजाज ऑटो ने इसके संबंध में जानकारी देते हुए कहा है कि हमने प्रॉबाइकिंग नेटवर्क को केटीएम डीलरशिप में तब्दील कर दिया है। बजाज-केटीएम की साझेदारी में संयुक्त रूप से निर्मित पहली मोटरसाइकिल 200 ड्यूक है जिसे साल 2012 में लॉन्च किया गया था। पिछले पांच सालों के दौरान केटीएम ने 48% का CAGR हासिल किया है और वित्तीय वर्ष 2017 में 37,000 यूनिट की बिक्री होने की उम्मीद है।
आज ड्यूक और आरसी मॉडल्स के पांच SKUs भारत की 300+ केटीएम डीलरशिपों के जरिये पेश की जा रही हैं। इस तरह से स्पष्ट होता है कि अब बजाज का सारा ध्यान केटीएम के नेटवर्क पर केंद्रित रहेगा।