10 साल की सबसे बड़ी गिरावट
पिछले एक दशक में लग्जरी कार सेगमेंट में इतनी बड़ी गिरावट दर्ज की गई है। आंकड़ों के मुताबिक साल 20919 में 34,500 से 35,500 लग्जरी गाड़ियों की बिक्री हुई। जबकि 2018 में यह संख्या 40,340 यूनिट थी। ऑटो सेक्टर से जुडे विशेषज्ञों का कहना है कि अप्रैल 2020 से बीएस6 उत्सर्जन मानक लागू होने के बाद मांग बढ़ने की उम्मीद है।
भारत में लग्जरी कारों की बिक्री
साल
|
वॉल्यूम
|
बदलाव (%)
|
| 2019 |
34,400- 35,500 |
-15 |
| 2018 |
40,340 |
3.3 |
| 2017 |
39,039 |
16.93 |
| 2016 |
33,318 |
-7.98 |
| 2015 |
33,207 |
13.46 |
| 2014 |
31,912 |
5.79 |
| 2013 |
30,166 |
6.08 |
| 2012 |
28,438 |
17 |
| 2011 |
24,300 |
52.87 |
| 2010 |
15,896 |
81.56 |
| 2009 |
8,755 |
14.12 |
अमीर ज्यादा बिक्री कम
हालांकि देश के ऑटो सेक्टर में लग्जरी कारों की हिस्सेदारी मात्र 1.2 फीसदी है। जबकि चीन में यह 13 फीसदी और अमेरिका में 10 फीसदी है। भारत में करोड़पति अमीरों की संख्या 350,000 लाख है, लेकिन बाजार अभी तक सालान 50 हजार यूनिट्स को पार नहीं कर पाया है। ऑडी इंडिया के हेड बलबीर सिंह ढिल्लन का कहना है कि अर्थव्यवस्था को पटरी पर लाने के लिए सरकार को कुछ दूसरे उपायों पर भी काम करना चाहिए।
सरकार करे उपाय
वह कहते हैं कि सरकार को जीएसटी की दरों में कमी, इंपोर्ट ड्यूटी, लग्जरी कारों के रजिस्ट्रेशन टैक्स में कमी के साथ डीलर्स और ग्राहकों को आसानी से लोन की सुविधा जैसे उपाय करने चाहिए, ताकि पूरे सेक्टर को इसका फायदा मिल सके। उन्होंने उम्मीद जताई कि 2020 में बाजार सामान्य रहेगा और उसके बाद रफ्तार पकड़ेगा। 2020 में ऑडी SUV Q8, सेडान A8 को लॉन्च करने वाली है।
जल्द बढ़ेगी मांग
वहीं वॉल्वो कार्स इंडिया के एमडी चार्ल्स फ्रंप का कहना है कि हमारे विश्लेषण के मुताबिक पिछले साल लोगों ने कार खरीदने के फैसले को टाल दिया था। उन्होंने उम्मीद जताई कि अप्रैल के बाद बीएस6 मानक लागू होने के बाद मांग बढ़ेगी और बाजार रफ्तार पकड़ेगा। उनका कहना है कि लग्जरी कार सेगमेंट में काफी संभवानाएं हैं और जल्द ही बाजार 2018 के आंकड़ों को छुएगा।