उत्तर प्रदेश में हाई सिक्योरिटी रजिस्ट्रेशन प्लेट (एचएसआरपी) की कीमतों को लेकर फैले भ्रम पर सरकारी सूत्रों ने कहा कि अभी विभाग ने एचएसआरपी लगवाने के लिए कोई भी कीमत तय नहीं की है। हालांकि, मौजूदा समय में वाहन मालिकों से उतना ही शुल्क लिया जा रहा है, जितना वाहन निर्माता नए वाहनों पर प्लेट लगाने का शुल्क लेते हैं। इसके अलावा एचएसआरपी के शुल्क का रसीद भी जारी किया जा रहा है।
हाई सिक्योरिटी रजिस्ट्रेशन प्लेट (एचएसआरपी) को लेकर उत्तर प्रदेश के लोगों के लिए एक बड़ी राहत की खबर है। दरअसल यहां वाहन मालिक एक अप्रैल 2019 से पहले खरीदे गए व्यावसायिक वाहन पर अब 30 नवंबर की जगह 28 फरवरी 2021 तक एचएसआरपी लगवा सकते हैं। हालांकि, यह राहत केवल उन लोगों को मिलेगी, जिनके वाहन का वजन 8500 किलोग्राम या इससे अधिक होगा। हालांकि, 1 अप्रैल 2019 से पहले के हल्के व्यवसायिक वाहनों पर 30 नवंबर तक हाई सिक्योरिटी नंबर प्लेट लगवाना अनिवार्य है।
इससे पहले एक नवंबर से दिल्ली में हाई सिक्योरिटी रजिस्ट्रेशन प्लेट (एचएसआरपी) और कलर कोडेड स्टिकर की ऑनलाइन बुकिंग फिर से शुरू हो गई। दरअसल ऑनलाइन बुकिंग की प्रक्रिया में लोगों को कई तरह की परेशानियों का सामना करना पड़ रहा था, जिसके चलते दिल्ली सरकार ने नई बुकिंग पर रोक लगा दी थी। लेकिन अब वाहन मालिकों को एचएसआरपी और कोडेड स्टिकर लगाने की पूरी प्रक्रिया की जानकारी एसएमएस के जरिए दी जा रही। इसके अलावा ग्राहकों को होम डिलीवरी का भी विकल्प दिया जा रहा है।
सड़क परिवहन और राजमार्ग मंत्रालय ने राज्यों के प्रमुख सचिवों, परिवहन आयुक्तों को एचएसआरपी को बदलने संबंधी नए नियमों की सूची भेजी है। इसके मुताबिक वाहनों में लगी हाई सिक्योरिटी रजिस्ट्रेशन प्लेट अगर खो जाती है, चोरी हो जाती है या टूट जाती है, तो वाहन मालिक को एफआईआर दर्ज करानी होगी। इसके बाद एफआईआर की कॉपी को वाहन- 4 पोर्टल पर अपलोड करना होगा, जिसके बाद नई एचएसआरपी लग पाएगी। इसके अलावा एचएसआरपी केवल परिवहन विभाग की तरफ से अधिकृत कंपनी या वाहन के डीलर्स ही लगा सकेंगे।