केंद्र सरकार ने मोटर वाहनों के पंजीकरण दस्तावेजों में स्वामित्व के प्रकार का स्पष्ट उल्लेख करने के संबंध में एक मसौदा अधिसूचना पर सुझाव आमंत्रित किए हैं।
सड़क परिवहन एवं राजमार्ग मंत्रालय ने एक बयान में कहा, "यह मंत्रालय के संज्ञान में आया है कि मोटर वाहनों के पंजीकरण के लिये केंद्रीय मोटर वाहन नियम के तहत विभिन्न रूपों में स्वामित्व विवरण ठीक से परिलक्षित नहीं होता है।"
यह अधिसूचना केंद्रीय मोटर वाहन नियम 1989 के तहत फॉर्म 20 में संशोधन के लिए 18 अगस्त को जारी की गई।
बयान में कहा गया कि स्वामित्व के प्रकार जैसे स्वायत्त निकाय, केंद्र सरकार, परमार्थ न्यास, ड्राइविंग प्रशिक्षण स्कूल, दिव्यांगजन, शैक्षणिक संस्थान, स्थानीय प्राधिकरण, एक से अधिक मालिक, पुलिस विभाग आदि जैसे विस्तृत स्वामित्व प्रकार को स्पष्ट परिलक्षित करने के लिये केंद्रीय मोटर वाहन नियम के फॉर्म 20 में संशोधन करने का प्रस्ताव है।
मंत्रालय ने कहा, संशोधन यह भी सुनिश्चित करने के लिये प्रस्तावित है कि मोटर वाहनों की खरीद / स्वामित्व / संचालन के लिये सरकार की विभिन्न योजनाओं के तहत दिव्यांगजन (शारीरिक रूप से अक्षम व्यक्ति) को जीएसटी और अन्य रियायतों का लाभ प्रदान किया जा रहा है।
वाहन रजिस्ट्रेशन के मौजूदा दस्तावेजों में दिव्यांगजनों का उल्लेख नहीं किया जाता है। इसके कारण दिव्यांगजन कई सरकारी योजनाओं से वंचित रह जाते हैं। प्रस्तावित संशोधनों में दिव्यांगजनों और ऐसे अन्य स्वामित्व वाले वाहनों का स्पष्ट विवरण दिया जाएगा।
बता दें कि, पिछले साल सितंबर से संशोधित मोटर वाहन एक्ट (1989) को लागू किया गया है। इस संशोधन में यातायात नियमों के उल्लंघन पर जुर्माना और वाहनों के सुरक्षा और पंजीकरण से संबंधित कई नियमों में बदलाव किया गया है।