देश में इलेक्ट्रिक वाहनों को बढ़ावा देने के लिये केंद्र सरकार ने राज्य सरकारों से ऐसे वाहनों के लिए परमिट खत्म करने की सलाह दी है। सड़क एवं परिवहन मंत्रालय के संयुक्त सचिव की तरफ से जारी यह पत्र सभी राज्यों के परिवहन प्रमुख सचिवों और परिवहन आयुक्तों को भेजा गया है।
17 जुलाई को भेजे इस पत्र में कहा गया है कि मंत्रालय के एक नोटिफिकेशन का हवाला देते हुए कहा है कि इलेक्ट्रिक वाहनों को यात्री वाहनों में रजिस्टर किया जाए और परमिट लेने का मांग न की जाये। इससे पहले 18 अक्टूबर 2018 को मंत्रालय ने इलेक्ट्रिक वाहनों को पैसेंजर ट्रांसपोर्ट परमिट के दायरे से बाहर कर दिया था।
वहीं कई राज्यों ने इस नोटिस पर अमल नहीं किया था और इलेक्ट्रिक वाहनों को परमिट लेने की जरूरत बता रहे थे। नोटिफिकेशन के मुताबिक इस रवैये से पैसेंजर ट्रांसपोर्ट सेगमेंट में इलेक्ट्रिक वाहनों को बढ़ावा देने में दिक्कतें होंगी। साथ ही, मंत्रालय ने राज्यों को यह भी सलाह दी है कि इलेक्ट्रिक वाहनों पर रोड टैक्स को कम किया जाए या उन्हें वाहन रजिस्ट्रेशन के लिये रोड टैक्स से बाहर किया जाए।
नोटिफिकेशन के मुताबिक जिन राज्यों ने इलेक्ट्रिक वाहनों पर रोड टैक्स नहीं घटाया है, वे सभी इलेक्ट्रिक वाहनों पर अधिकतम संभव सीमा तक रोड टैक्स माफ करने पर विचार करें, ताकि ग्राहकों के लिए वाहन की प्रारंभिक लागत कम की जा सके।
इसके अलावा इलेक्ट्रिक वाहनों को बढ़ावा देने के लिये इलेक्ट्रिक वाहनों की पहचान के लिये हरे रंग की रजिस्ट्रेशन नंबर प्लेट जारी करने के लिये कहा गया है। साथ ही, 16 से 18 साल की आयुवर्ग के लोगों को ई-स्कूटर्स का लाइसेंस देने के लिये कहा गया है। मंत्रालय का कहना है कि हरे रंग की नंबर प्लेट से राज्य और नगरपालिकाओं की तरफ से मिलने वाले फायदों जैसे टोल चार्ज और पार्किंग फीस में छूट का लाभ उठा सकेंगे।