सड़क परिवहन मंत्रालय ने हाल ही में जारी बयान में विदेशी कारों और मोटरसाइकिलों के आयात के लिए रोडब्लॉक को हटाने की घोषणा की है। इस नीति के लागू होने पर आॅटोमोबाइल मैन्युफेक्चरर्स आसानी से विदेशी कार और बाइक्स को भारत में बेच सकेंगे। हालांकि प्रत्येक मैन्युफेक्चर को सिर्फ 2,500 यूनिट ही भारत में इम्पोर्ट करना मान्य होगा। जबकि हैवी कमर्शियल व्हीकल जैसे ट्रक,बस आदि की सालाना मात्र 500 यूनिट ही इम्पोर्ट होंगी।
विदेश व्यापार महानिदेशालय के एक अधिकारी के मुताबिक केंद्रीय मोटर वाहन नियम के अनुसार ही विदेश व्यापार महानिदेशालय के नियम बनाये गये हैं। जिसमें टेस्टिंग के बाद ही वाहनों को इम्पोर्ट किया जाता है। इम्पोर्ट वाहन के लिए तय मानको के अनुसार निश्चित रूप से दाएं हाथ की तरफ ड्राइविंग वाले मॉडल होना चाहिए । फिलहाल कह सकते हैं कि इस नई नीति से इन सख्त मानदंडो में सरलता आएगी।
वाहन कंपनियों के मुताबिक निर्माताओं को आर एंड डी और टेस्टिंग के लिए वाहन आयात करने की इजाजत नहीं है यदि वह भारत मानकों को पूरा नहीं करता है। मंत्रालय की तरफ से फिलहाल कोई आॅफिशयल घोषणा अभी साझा नहीं की गई है। हालांकि आॅटोमोबाइल कंपनियों को इसका बेसब्री से इंतजार है। बता दें, इस नई नीति के साथ ही कई ऐसी कारें हमें देखने को मिल सकती है। जिन्हे भारत में लांच करने को कंपनियां बेताब हैं। इनमें मारुति की स्विफ्ट स्पोर्ट्स, निसान और टोयोटा जैसी कारें मौजूद होंगी।
वहीं अगर मोटरसाइकिल की बात की जाए तो 800 सीसी की बाइक्स का आयात आसानी से हो सकेगा। कयासे तो यहां तक लगाये ता रहें है कि इस नीति के चलते विदेश में चल रही कुछ इलेक्ट्रिक कार भी भारत की सड़को को आजमा सकती है।