चेन्नई स्थित फर्म Vinata Aeromobility (विनाटा एयरोमोबिलिटी) ने दुनिया के सबसे बड़े हेलिटेक एक्सपो - एक्सेल, लंदन में एशिया की पहली हाइब्रिड फ्लाइंग कार के प्रोटोटाइप को पेश किया है। जानें इसकी खासियतें।
First Flying Car in India : फ्लाइंग कार यानी उड़ने वाली कार अभी तक एक सपना बना हुआ है। दुनिया भर में विभिन्न कंपनियां इस सपने को हकीकत में बदलने के लिए कड़ी मेहनत कर रही हैं। हम हर रोज इस सपने के करीब पहुंच रहे हैं और भारत भी इस दौड़ में पीछे नहीं है। चेन्नई स्थित फर्म Vinata Aeromobility (विनाटा एयरोमोबिलिटी) ने दुनिया के सबसे बड़े हेलिटेक एक्सपो - एक्सेल, लंदन में एशिया की पहली हाइब्रिड फ्लाइंग कार के प्रोटोटाइप को प्रदर्शित किया है।
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कैसी है यह कार
कंपनी ने अपने यूट्यूब चैनल पर फ्लाइंग कार के डिजिटल प्रोटोटाइप का एक वीडियो भी जारी किया है। इस वीडियो में दिखाया गया है कि इस उड़ने वाली कार का केबिन कैसा होगा और इसमें कितने लोग बैठ सकते हैं। वीडियो में इस कार में बैठने की व्यवस्था की झलक दिखाई गई है। इस उड़ने वाली कार एक समय में दो लोग बैठ सकते हैं। कार के पंख जैसे दरवाजे सीधे खुलते हैं। कार के केबिन में एक बड़ा वर्टिकल डिजिटल टचस्क्रीन सिस्टम है जिसका इस्तेमाल अन्य चीजों के अलावा नेविगेशन के लिए किया जा सकता है।
देखें इस फ्लाइंग कार का वीडियो
Flying Car of Vinata Aeromobility
- फोटो : Vinata Aeromobility
क्या होती है हाइब्रिड कार
एक हाइब्रिड कार दिखने में किसी सामान्य कार के जैसी ही होती है। लेकिन इसमें दो इंजन का इस्तेमाल किया जाता है। इसमें पेट्रोल या डीजल इंजन के साथ इलेक्ट्रिक मोटर भी होती है। इस टेक्नोलॉजी को हाइब्रिड कहा जाता है। अब ज्यादातर कंपनियां इसी तरह की कारों को बनाने पर काम कर रही हैं।
कितनी है स्पीड और रेंज
Flying Car of Vinata Aeromobility
- फोटो : ANI
उड़ने वाली इस कार की सबसे खास बात यह है कि इसे भारत में बनाया जाएगा। इस कार के इस्तेमाल को और अधिक टिकाऊ बनाने के लिए इसमें बैटरी के साथ-साथ बायो-फ्यूल का उपयोग किया जाएगा। कार में एक बैकअप पावर भी होगा, जो पावर कट होने की स्थिति में मोटर को बिजली सप्लाई करेगा। यह कार को 120 किमी प्रति घंटे की टॉप स्पीड से 60 मिनट तक हवा में उड़ाया जा सकता है। यह जमीन से अधिकतम 3,000 फीट की ऊंचाई पर उड़ सकती है।
कितना है वजन
कंपनी की आधिकारिक वेबसाइट से पता चलता है कि बिना यात्री के इस फ्लाइंग कार का वजन 990 किलोग्राम होगा और यह अधिकतम 1300 किलोग्राम वजन उठा सकेगी। यह हाइब्रिड फ्लाइंग कार दिखने में एक पॉड जैसी है, जिसमें चार छोटे टायर लगे हैं। इनमें से हर टायर के साथ एक रोटर सिस्टम जुड़ा है। जिनमें से हर सिस्टम चार-चार ब्लेड के दो सेट से लैस है। दोनों साइड सिंगल डोर एंट्री है।
अंदर से कैसी है यह कार
इस वर्टिकल टचस्क्रीन के ऊपर तीन हॉरिजंटल तरीके से रखी गई स्क्रीन हैं जो मौसम की जानकारी सहित अलग-अलग तरह के कार्यों और फंक्शन की जानकारी देंगी। इस फ्लाइंग कार का स्टीयरिंग व्हील एक योक की तरह है, जिसके सेंटर में कंपनी का लोगो दिया गया है। इसकी सीटें काफी आरामदायक दिखती हैं और काफी हाई क्वालिटी वाली सामग्री से बनी हैं। सीटों के किनारे में एक शैंपेन होल्डर भी दिया गया है।
कैसे हैं फीचर्स
कार का एयरक्राफ्ट हाइब्रिड इलेक्ट्रिक वर्टिकल टेक-ऑफ और लैंडिंग (VTOL) है। इसका रोटर कॉन्फिगरेशन को-एक्सियल क्वाड-रोटर है। इसमें GPS ट्रैकर, 300 डिग्री व्यू देने वाली पैनोरमिक विंडो भी मिलेगी। पेश किए गए कॉन्सेप्ट मॉडल के मुताबिक इसमें दो पैसेंजर उड़ पाएंगे।
विनाटा एयरोमोबिलिटी ने पिछले महीने देश के नागरिक उड्डयन मंत्री ज्योतिरादित्य सिंधिया को अपनी फ्लाइंग कार का प्रोटोटाइप पेश किया था। उन्होंने इसके प्रयासों के लिए निर्माता की तारीफ की थी। यह कार साल 2023 तक एक हकीकत बन सकती है। इस कार का इस्तेमाल लोगों की आवाजाही के अलावा कार्गो के परिवहन के लिए किया जाएगा। यहां तक की इसकी मदद से मेडिकल इमरजेंसी सेवाएं भी प्रदान की जाएंगी।