फास्टैग की सुविधा को सबसे पहले टोल प्लाजा पर लगने वाले जाम को कम करने के लिए लाया गया था। दरअसल पहले टोल टैक्स के लिए टोल प्लाजा पर गाड़ियों की लंबी लाइनें लगती थीं। इससे लोगों को काफी इंतजार करना पड़ता था। वहीं, इस दौरान ईंधन की खपत होती थी। ऐसे में सरकार की तरफ से इस परेशानी को खत्म करने के लिए फास्टैग की सुविधा दी गई। इससे टोल प्लाजा पर लगने वाली लंबी कतारों में भारी कमी आई है। बता दें कि मौजूदा समय में देश के 695 टोल प्लाजा पर यह सेवा उपलब्ध है।
फास्टैग, गाड़ी के विंडशील्ड पर लगाया गया एक इलेक्ट्रॉनिक टोल कनेक्शन डिवाइस है, जिससे टोल प्लाजा पर ड्राइवर को अपनी गाड़ी को रोकना नहीं पड़ता है। रेडियो फ़्रीक्वेंसी आइडेंटिफिकेशन टेक्नोलॉजी (RFID) से लैस, डिवाइस का इस्तेमाल टोल शुल्क लेने के लिए सीधे प्रीपेड वॉलेट या उससे जुड़े बैंक खाते से किया जाता है।