फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

ट्रैफिक नियमों को तोड़ने वाले हो जाएं होशियार, सोशल मीडिया कटवा सकता है आपका चालान

Thu, 01 Aug 2019 03:51 PM IST
Harendra Chaudhary ऑटो डेस्क, अमर उजाला
विज्ञापन
Car challan
विज्ञापन

संशोधित मोटर वाहन विधेयक राज्यसभा में भी पास हो गया है और जल्द ही कानून का रूप ले लेगा। वहीं नए अधिनियम में मौजूदा नियमों को और सख्त बनाया गया है, साथ ही 10 गुना तक जुर्माना राशि भी बढ़ाई गई है। इसके बाद माना जा रहा है कि ट्रैफिक पुलिस की चालान से होने वाली आय में जबरदस्त बढ़ोतरी होगी। वहीं इसमें सबसे ज्यादा योगदान सोशल मीडिया का होगा।

विज्ञापन

 

छह महीनों में ही 31,124 चालान

न्यूज रिपोर्ट्स के मुताबिक सोशल मीडिया पर ट्रैफिक नियमों के उल्लंघन के फोटोग्राफ शेयर करने के मामलों में जबरदस्त बढ़ोतरी हुई है। रिपोर्ट्स के मुताबिक सोशल मीडिया अकाउंट्स के जरिये ट्रैफिक नियमों की धज्जियां उड़ाने की फोटोग्राफ्स जमकर शेयर की जा रही हैं। इनके जरिये पुलिस ने मात्र छह महीनों में ही 31,124 चालान जारी किए हैं। इन फोटोग्राफ्स को फेसबुक, ट्विटर, और व्हाट्सअप पर शेयर किया गया था। वहीं पिछले साल यह आंकड़ा 10,009 चालान का था, जबकि 2017 में यह संख्या 8 हजार के आसपास थी।
 

2018 में ट्रैफिक पुलिस ने काटे 64.8 लाख चालान

पिछले साल दिल्ली ट्रैफिक पुलिस ने 64.8 लाख चालान काटे थे, जबकि 2017 में यह आंकड़ा 56.7 लाख चालान का था। बिना हेलमेट के दोपहिया वाहन चलाने जैसे सामान्य अपराधों को छोड़ कर ट्रैफिक पुलिस इन तीनों प्लेटफॉर्म्स का बहुत ही प्रभावी तौर पर इस्तेमाल कर रही है। इनमें फुटपाथ पर पार्किंग, नो-पार्किंग जोन में पार्किंग या खराब नंबर प्लेट जैसे मामले सबसे ज्यादा होते हैं। पुलिस का भी मानना है कि आम लोगों की तरफ से शेयर किए जाने वाले फोटोग्राफ्ट सबसे सुरक्षित सबूत होते हैं। वहीं ट्रैफिक पुलिस का कहना है कि रोजाना उन्हें 300 से 400 शिकायतें सोशल मीडिया पर मिलती हैं, लेकिन कई शिकायतें बिना फोटोग्राफ्स वाली होती हैं, जो किसी काम की नहीं होतीं।
 

नो-पार्किंग जोन में पार्किंग की शिकायतें आम

ट्रैफिक पुलिस के सोशल मीडिया हैंडल ट्विटर पर 11 लाख फॉलोअर्स हैं, जबकि 2.73 लाख फॉलोअर्स फेसबुक पर हैं। ट्रैफिक पुलिस के मुताबिक उन्हें सबसे ज्यादा शिकायतें नो-पार्किंग साइनबोर्ड के नजदीक पार्क की गई गाड़ियों की मिलती हैं। हालांकि कई बार लोग लोकेशन शेयर करना भूल जाते हैं, लेकिन जब भी वे करते हैं, तो उनकी टीमें जुर्माना जरूर लगाती हैं। वहीं बिना हेलमेट के ड्राइविंग की शिकायतें बेहद आम हैं। इन साल बिना हेलमेट के ड्राइविंग करने पर 30 जून तक 15,185 चालान काटे गए, इनमें से अधिकांश में पुलिस वाले ही बिना हेलमेट के ड्राइविंग कर रहे थे।           
 

ऑटो-टैक्सी वालों पर होती है कार्रवाई

सोशल मीडिया पर फोटोग्राफ्स भेजने के अलावा स्थानीय लोग उन वीडियोज को भी भेजते हैं जिनमें ऑटो रिक्शा और टैक्सी चालक मीटर से चलने से इंकार करते हुए दिखाई पड़ते हैं। पुलिस अभी तक ऐसे वीडियोज को सबूत मानते हुए ऐसी 600 टैक्सियों और ऑटो ड्राइवरों का चालान काट चुकी है। ट्रैफिक पुलिस के मुखिया और स्पेशल पुलिस कमिश्नर ताज हसन का कहना है कि वे लोग नागरिकों को सोशल मीडिया पर शिकायतें डालने के लिए प्रोत्साहित करते हैं, क्योंकि इससे आमजन की हिस्सेदारी बढ़ती है और उन्हें काम का फीडबैक भी मिलता है।
 
विज्ञापन

टीम में टेक सेवी और अंग्रेजी जानने वाले लोग

तोडरपुर ट्रैपिक पुलिस ऑफिस में 24 घंटे तकरीबन 40 पुलिस अधिकारी इन तीनों सोशल मीडिया अकाउंट्स की निगरानी रखते हैं। निगरानी रखने के अलावा ये लोग सवालों का जवाब देने के साथ जुर्माना भी लगाते हैं। साथ ही, पूरे दिन वे जिन इलाकों में जाम लगा होता है, इसकी भी जानकारी सोशल मीडिया पर देते हैं। इसके लिए वे गूगल मैप्स पर लगातार नजर रखते हैं और उसी के मुताबिक अपडेट भेजते हैं। इस काम में उन्हीं लोगों को लगाया गया है जो न केवल टेक सेवी हैं बल्कि उनकी अंग्रेजी भी अच्छी है, ताकि ट्रैफिक पुलिस की तरफ से जवाब दे सकें। इसके अलावा इन अधिकारियों की सोशल मीडिया पर ट्रेनिंग भी आयोजित होती है, ताकि वे सोशल मीडिया के लेटेस्ट ट्रेंड्स से अपडेट रहें। वहीं जल्द ही इन अधिकारियों की क्षमता में भी इजाफा होने जा रहा है।     
और पढ़ें...
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें