कोरोना वायरस के झटके से ऑटो सेक्टर धीरे-धीरे उबर रहा है। वाहनों की मांग ने कंपनियों के उत्साह को वापस से बढ़ा दिया है। इसका असर अब कंपनियों की रणनीति पर देखने को भी मिल रहा है। दरअसल कोरोना की मार से भले ही इंडस्ट्री को भारी नुकसान हुआ हो, लेकिन इसका असर वाहन कंपनियों में काम करने वाले कर्मचारियों पर नहीं पड़ेगा।
दरअसल जब कोरोना वायरस को फैलने से रोकने के लिए लॉकडाउन लगाया गया था, तब ज्यादा तर वाहन कंपनियों ने अपने कर्मचारियों की सैलरी में कटौती नहीं की थी। वहीं, अब कंपनियां अपने कर्मचारियों को प्रमोशन और इंक्रीमेंट दे रही हैं।
टोयोटा किर्लोस्कर (Toyota Kirloskar) ने अपने नॉन यूनियन कर्मचारियों की सैलरी में बढ़ोतरी करने की घोषणा की है। वहीं, हंयूदै मोटर इंडिया (Hyundai Motor India) ने अपने फैक्ट्री मजदूरों के वेतन में बढ़ोतरी की है और जल्द ही एग्जिक्यूटिव्स की सैलरी भी बढ़ाएगी।
भारत की सबसे बड़ी कार बनाने वाली कंपनी मारुति सुजुकी (Maruri Suzuki) की बात करें तो अगले दो महीनों में कंपनी अपने कर्मचारियों को बोनस और इंक्रीमेंट देने की घोषणा करेगी। वहीं, MG Motor जल्द अपने कर्मचारियों की सैलरी में बढ़ोतरी की घोषणा कर सकती है।
रिपोर्ट्स के मुताबिक होंडा, टोयोटा और रेनॉ ने अपने कर्मचारियों की सैलरी में 4 से 14 फीसदी तक की बढ़ोतरी की है। ज्यादा तर कंपनियां अपने कर्मचारियों को प्रमोशन या इंक्रीमेंट दे रही हैं। वहीं, करीब पांच से छह कंपनियों ने अपने कर्मचारियों को बोनस और इंक्रीमेंट दे भी दिया है।
इस दौरान कई कंपनियां अपने कर्मचारियों को इंक्रीमेंट नहीं दे रही हैं। इसके बदले में वो कर्मचारियों को बोनस और वेरिएबल दे रही हैं।
दरअसल 50 दिनों के बाद जब शोरूम वापस से खुलने लगे तो सबके जहन में यही सवाल था कि क्या कोरोना काल में ग्राहक वाहनों की खरीदारी करेंगे। लेकिन कहना गलत नहीं होगा कि मई में डीसेंट बिक्री और जून में आई तेजी के बाद ज्यादा तर वाहन कंपनियां 85 फीसदी तक कोरोना से पहले के हाल में आ चुकी हैं।