रिपोर्ट्स के अनुसार इलेक्ट्रिक स्कूटर की अधितकम स्पीड 25 किमी प्रतिघंटा होगी। इसके लिए ना लाइसेंस और ना ही हेलमेट की जरूरत पड़ेगी। अगर ऐसा होता है तो किराए पर स्कूटर लेने वाले यात्रियों को मात्र एक रुपये/मिनट के हिसाब से किराया चुकाना होगा।
इलेक्ट्रिक स्कूटर की सुविधा का इस्तेमाल करने के लिए यात्रियों को पहले प्ले स्टोर से एप डाउनलोड करना पड़ेगा, जो जीपीएस के जरिए नजदीक में उपलब्ध स्कूटर की जानकारी देगा। एक बार स्कूटर लोकेट होने पर यूजर्स को 250 रुपये चुकाने होंगे, जो बाद में वापस कर दिए जाएंगे। पैसे चुकाने के बाद एक क्यूआर कोड जेनरेट होगा जिससे आप स्कूटर को अनलॉक कर सकेंगे। बिल चुकाने के बाद 250 रुपये यूजर्स के ई-वॉलेट अकाउंट में वापस कर दिए जाएंगे।
यूजर्स इलेक्ट्रिक स्कूटर का इस्तेमाल घर से लेकर मेट्र्रो स्टेशन तक कर सकेंगे। यूजर्स स्कूटर को पार्किंग इलाके में पार्क कर सकते हैं। अगर पार्किंग इलाके की सुविधा नहीं है तो स्कूटर को रोड किनारे भी पार्क कर सकेंगे।
यूपीएमआसी के मैनेजिंग डायरेक्टर कुमार केशव ने कहा कि इलेक्ट्रिक स्कूटर के लिए कंपनी से बात चल रही है। साथ ही इसके नियम और शर्तों को लेकर भी बातचीत जारी है। अगर सब ठीक रहा तो अगले दो से तीन महीनों में कॉन्ट्रैक्ट पर साइन किए जाएंगे।
कंपनी के को-फाउंडर आरके मिश्रा ने इलेक्ट्रिक स्कूटर को बेहतर सवारी बताया है। साथ ही कहा कि यह लीथियम पावर बेस्ड स्कूटर है, जो एक बार फुल चार्ज करने पर छह हजार किलोमीटर चलेगा।