वाहनों की मांग में तेजी आ रही है लेकिन बैंकों और गैर-बैंकिंग वित्तीय कंपनियों (एनबीएफसी) की अति संवेदनशीलता और हिचक से बाजार का उत्साह प्रभावित है। वाहन कंपनी टोयोटा किर्लोस्कर के एक शीर्ष अधिकारी ने यह टिप्पणी की है।
कंपनी के वरीष्ठ उपाध्यक्ष, बिक्री एवं सेवा, नवीन सोनी ने पीटीआई से कहा कि त्यौहारी मौसम की शुरुआत के साथ जुलाई की तुलना में अगस्त में ऑर्डर 30 फीसदी बढ़े हैं। हालांकि इससे पहले पिछले चार महीने के दौरान डीलरों के पास भंडार के जमा होने से बचने के कारण हर महीने थोक ऑर्डर में 25 फीसदी कमी लाई गई।
उन्होंने कहा, "जुलाई की तुलना में जितने ऑर्डर मिल रहे हैं, वे अधिक हैं। मैं कम से कम 20-30 प्रतिशत अधिक कहूंगा। हम जिन मुश्किलों का सामना कर रहे हैं, उनमें से एक यह है कि बैंक और एनबीएफसी सहित वित्तीय कंपनियां बहुत हिचकिचा रही हैं।"
उन्होंने कहा, "जहां तक ऑर्डर का सवाल है, हम बहुत खुश हैं। हर दिन हमें अच्छी मात्रा में नए ऑर्डर मिल रहे हैं, लेकिन कर्ज प्रदान करने वाली कंपनियों के कारण डिलीवरी में समय लग रहा है।"
सोनी ने स्थिति को स्पष्ट करते हुए कहा कि यदि किसी व्यक्ति ने 10 साल पहले किसी कर्ज की किश्तें चुकाने में छोटी सी भी चूक की है, तो उसे वाहन के लिए कर्ज नहीं मिल पा रहा है। ऐसे ग्राहक, जिनका सिबिल स्कोर 80 फीसदी लोन के लायक है, उन्हें 60 फीसदी वित्तपोषण ही मिल पा रहा है।
सोनी ने कहा, "वित्तीय कंपनियों के द्वारा मौजूदा स्थिति में जोखिम पर संवेदनशील होकर जोर दिया जा रहा है। वे अति सतर्क और संवेदनशील हो रहे हैं, जो बाजार को सुस्त बना रहा है। बाजार की धारणा को नरम करने का एकमात्र कारण वित्तीय कंपनियों के द्वारा ग्राहकों के प्रति अति सतर्कता बरतना है।"
हालांकि उन्होंने यह भी माना कि कोरोना वायरस महामारी के कारण अब लोन से पूर्व ग्राहक का आकलन करने में अधिक समय लग रहा है।