दिल्ली इलेक्ट्रिक वाहन नीति 2020 के तहत दिल्ली सरकार द्वारा ऑटो और हल्के कमर्शियल व्हीकल्स (वाणिज्यिक वाहन) के लिए प्रति वाहन 7,500 रुपये तक की छूट सहित अन्य प्रोत्साहन दिया जा रहा है। ससंद में सोमवार को इस मुद्दे पर जानकारी दी गई।
दिल्ली सरकार स्वच्छ ग्रीन मोबिलिटी को अपनाने को बढ़ावा देने के इरादे से 7 अगस्त, 2020 को दिल्ली ईवी नीति 2020 की अधिसूचना जारी की थी। इस नीति का लक्ष्य इलेक्ट्रिक पैसेंजर चार पहिया वाहनों को बड़े पैमाने पर अपनाने के लिए व्यवहार्यता स्थापित करना है। सरकार ने इसकी पहल सरकारी वाहन के बेड़े को इलेक्ट्रिक वाहनों में परिवर्तित करने से की है।
सड़क परिवहन, राजमार्ग और एमएसएमई मंत्री नितिन गडकरी ने राज्यसभा में लिखित उत्तर में कहा, "प्रावधान के तहत, जीएनसीटीडी अधिकारियों के आने-जाने के लिए इस्तेमाल की जाने वाली सभी लीज / किराए की कारों को इस नीति के जारी होने की तारीख से 12 महीने के भीतर इलेक्ट्रिक में बदल दिया जाएगा।"
गडकरी ने कहा कि दिल्ली सरकार ने 25 फरवरी, 2021 को इस संबंध में जारी आदेश में कहा था कि दिल्ली सरकार के स्वामित्व वाले / लीज पर सभी वाहनों को 6 अगस्त, 2021 तक इलेक्ट्रिक में परिवर्तित कर दिया जाएगा।
मंत्री ने कहा, "दिल्ली ईवी नीति 2020 के तहत, एक ज्यादा प्रदूषण फैलाने वाले पारंपरिक वाहन को स्क्रैप करने पर वाहन के लिए प्रोत्साहन प्रदान किया जाता है। हालांकि, वाहन के लिए प्रोत्साहन प्रोत्साहन डीलर या ओईएम से मिलने वाले योगदान के साक्ष्य पर लागू होगा। ऐसे में दिल्ली सरकार वाहन के स्क्रैपिंग मूल्य पर ओईएम या डीलर द्वारा दिए गए योगदान के बराबर प्रोत्साहन देगी। जो कि दोपहिया वाहनों के लिए प्रति वाहन 5,000 और ऑटो और लाइट वाणिज्यिक वाहन के लिए प्रति वाहन 7,500 से ज्यादा नहीं होगा।"
उन्होंने कहा कि योजना के तहत अन्य प्रोत्साहन भी हैं। इस योजना में निजी और दोपहिया वाहन भी शामिल होंगे।
बता दें कि इसके अलावा केंद्र ने स्वैच्छिक वाहन कबाड़ नीति का एलान आम बजट 2021-22 में किया था। इसके अनुसार, निजी वाहनों को 20 साल और वाणिज्यिक वाहनों को 15 साल बाद फिटनेस परीक्षण कराना आवश्यक होगा।
नई वाहन कबाड़ नीति के तहत पुराने वाहनों का ऑटोमेटेड सुविधा केंद्रों पर फिटनेस और प्रदूषण जांच को अनिवार्य किया गया है। ये ऑटोमेटेड फिटनेस केंद्र देशभर में होंगे और सरकार इस दिशा में काम कर रही है।