महामारी शुरू होने के बाद से, निजी भाड़े की टैक्सी फर्मों ने ढाई लाख से ज्यादा कोविड-19 परीक्षणों का होम-डिलीवरी और संग्रह किया है। इस पहल में स्टॉकहोम में कोविड जांच के दौरान प्रभावी रूप से कैब ड्राइवरों की अहम भूमिका रही है।
इस काम ने महामारी के दौरान घर चलाने के लिए संघर्ष कर रहे कैब ड्राइवरों को आर्थिक जीवनरेखा बन कर सहारा दिया है। इससे ड्राइवरों को उस समय तक का सहारा मिल गया है जब तक स्वैब की बजाय लोग एक बार फिर से उनके मुख्य यात्री नहीं बन जाते हैं।
राष्ट्रीय स्वास्थ्य प्राधिकरण द्वारा शुरू की गई इस पहल के तहत कैब ड्राइवरों को प्रति घंटे 320 क्राउन (37 डॉलर यानी 2734 रुपये) मिलते हैं, जो सेंट्रल स्टॉकहोम में एक मानक यात्रा से थोड़ा ज्यादा ही है। इन कैब ड्राइवरों में ज्यादातर अप्रवासी हैं जो देश की अनिश्चित श्रमिक बाजार का हिस्सा हैं।
स्वीडन ने कोरोना वायरस को फैलने से रोकने के लिए इस साल के शुरुआत में राष्ट्रीय लॉकडाउन लागू किया था। शुरुआत में यहां कोविड परीक्षण की रफ्तार धीमी थी, लेकिन गर्मियों में इतने अपने प्रयासों को तेज कर दिया।
यहां कोरोना वायरस से मरने वालों की संख्या 6,555 है, जो कि इसके पड़ोसी देशों की तुलना में प्रति व्यक्ति की दर से बहुत अधिक है, हालांकि कुछ बड़े यूरोपीय देशों की तुलना में कम है।
गोरानसन की दैनिक कार्य दिनचर्या में अब पैक किए गए स्वैब को इकट्ठा करने के लिए डोरमैट्स पर घुटने टेककर झुकना और सैनेटाइजर से अपनी हथेलियों को आराम से मलना शामिल हो गया है।
आमतौर पर, लोगों को "कोरोना कैब ड्राइवर" के घर पहुंचने के 24 घंटों के भीतर अपने कोविड जांच के नतीजे मिल जाते हैं, जिन्हें वे शायद देख भी नहीं सकते, क्योंकि नजदीकी संपर्क से बचना इस पिक-अप का उद्देश्य है।
गोरानसन को स्वीडन की महामारी के खिलाफ लड़़ाई में मदद करने पर गर्व है। वह कहते हैं कि तेजी से परीक्षण वायरस पर अंकुश लगाने में मदद कर सकता है, लेकिन उन्हें इंसानी संपर्क की कमी बहुत ज्यादा खल रही है।
उन्होंने कहा, "आम तौर पर यह एक बहुत ही सामाजिक कार्य है। मैं लगभग 20 वर्षों से टैक्सी चला रहा हूं और इसका सबसे अच्छा हिस्सा लोगों से मिलना रहा है।"