पैसेंजर गाड़ियों का उत्पादन घटा
कंपनी ने जानकारी दी है कि इस साल मार्च में 92,540 वाहनों का उत्पादन किया गया, जबकि पिछले साल इसी अवधि में उसने 1,36,201 वाहनों का उत्पादन किया था। इस दौरान यात्री वाहनों का उत्पादन साल भर पहले की 1,35,236 यूनिट्स की तुलना में 32.26 फीसदी कम होकर 91,602 यूनिट्स पर आ गया।
Maruti की मिनी और कॉम्पैक्ट सेगमेंट की ऑल्टो (Alto), एस-प्रेसो (S-Presso), वैगनआर (WagonR), सेलेरियो (Celerio), इग्निस (Ignis), स्विफ्ट (Swift), बलेनो और डिजायर जैसी गाड़ियों के उत्पादन में भी करीब 32 फीसदी की कमी आई है। इस दौरान मार्च 2019 के 98,602 वाहनों की तुलना में उत्पादन घटकर मार्च 2020 में 67,708 वाहनों पर आ गया।
मारुति ने मार्च 2020 में विटारा ब्रेजा, एर्टिगा और एस-क्रॉस जैसे 15,203 यूटिलिटी वाहनों का उत्पादन किया। यह साल भर पहले के 17,719 वाहनों की तुलना में 14.19 प्रतिशत कम है। इसी तरह, मध्यम आकार के सेडान सियाज का उत्पादन 3,205 वाहनों से कम होकर 2,146 वाहनों पर और हल्के कॉमर्शियल वाहन सुपर कैरी का उत्पादन 965 इकाइयों से कम होकर 938 इकाइयों पर आ गया। बता दें कि कंपनी ने फरवरी में भी उत्पादन में 5.38 प्रतिशत की कटौती की थी।
प्लांट में उत्पादन बंद
गौरतलब है कि देशव्यापी लॉकडाउन के कारण मारुति समेत ऑटोमोबाइल इंडस्ट्री की अन्य कंपनियों ने अपने प्लांट में उत्पादन का कार्य फिलहाल बंद कर दिए हैं। ऐसे में ऑटो विनिर्माण उद्योग संगठन SIAM ने हर दिन 2300 करोड़ रुपये के नुकसान की आशंका जताई है।
मारुति सुजुकी का धमाल
देशभर में एक अप्रैल से कड़े ईंधन उत्सर्जन मानक BS6 (भारत स्टेज 6) लागू हो चुका है। इसलिए, अब से सभी कार निर्माता केवल BS6 वाहनों का उत्पादन और बिक्री कर सकते हैं। हालांकि ऐसे कार निर्माता हैं जो इस परिवर्तन के समय में संकट से जूझ रहे हैं। लेकिन Maruti Suzuki India (मारुति सुजुकी इंडिया) उन कंपनियों में से एक है जिन्होंने आगे की योजना बनाई और लगभग एक साल पहले BS6 वाहनों को बाजार में उतारना शुरू कर दिया था जिसका उसे फायदा मिला है। देश की सबसे बड़ी कार निर्माता कंपनी Maruti Suzuki ने नए ईंधन उत्सर्जन मानक के लागू होने की समय सीमा से पहले देश में 7.5 लाख से ज्यादा BS6 मानक वाली गाड़ियां बेच चुकी है।