जस्टिस एसए बोबडे (फाइल)
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उच्चतम न्यायालय ने वायु प्रदूषण कम करने के उद्देश्य से, सभी सार्वजनिक परिवहन वाहनों और सरकारी वाहनों की जगह क्रमिक रूप से विद्युत चालित वाहन (ईवी) लाने के मुद्दे पर बुधवार को इच्छा जताई कि केंद्रीय पर्यावरण मंत्री इस विषय पर न्यायालय में आकर बातचीत करें।
प्रधान न्यायाधीश एस ए बोबडे की अध्यक्षता वाली पीठ ने अतिरिक्त सालीसिटर जनरल ए एन एस नादकर्णी से पूछा कि क्या मंत्री अदालत की सहायता के लिए बातचीत करने आ सकते हैं।
Electric Vehicle
पीठ ने नादकर्णी से कहा, ‘‘क्या पर्यावरण मंत्री उच्चतम न्यायालय आ सकते हैं और बिजली अथवा हाइड्रोजन से चलने वाले गैर-प्रदूषणकारी वाहन लाने के प्रस्ताव पर जानकारी दे सकते हैं ?’’
नादकर्णी ने आपत्ति जताते हुए कहा कि मंत्री के आने का राजनीतिक कारणों से दुरुपयोग किया जा सकता है। हालांकि उन्होंने यह भी कहा कि नेताओं के अदालत में उपस्थित होने में कुछ गलत नहीं है।
चार्जिंग पॉइंट
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पीठ ने कहा, ‘‘हम समझते हैं कि प्रशांत भूषण जी राजनीतिक शख्सियत हैं लेकिन वह मंत्री से जिरह करने नहीं जा रहे हैं।’’
इससे पहले सुनवाई के दौरान एनजीओ सीपीआईएल की ओर से भूषण ने कहा कि राष्ट्रीय ई-मोबिलिटी मिशन योजना, 2020 पेश की गयी थी जिसके अनुसार सरकार को इलेक्ट्रिक वाहन खरीदने थे।
इलेक्ट्रिक वाहन (प्रतीकात्मक तस्वीर)
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भूषण ने कहा कि योजना के अंतर्गत अधिकारियों को सब्सिडी मुहैया कराके बिजली चालित वाहनों की बिक्री को बढ़ावा देना होगा। उन्हें मॉल तथा पेट्रोल पंप समेत सार्वजनिक स्थलों पर बिजली से चलने वाले वाहनों के लिए चार्जिंग प्वाइंट बनाने होंगे।
पीठ ने चार सप्ताह के लिए सुनवाई स्थगित कर दी और आदेश दिया कि इस दौरान बिजली चालित वाहनों से संबंधित सभी मुद्दों पर सरकार विचार करे।
Nitin Gadkari (फाइल)
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इससे पहले जनवरी के महीने में सुप्रीम कोर्ट सार्वजनिक वाहनों, सरकारी वाहनों को इलेक्ट्रिक वाहनों में तब्दील करने की मांग करने वाली जनहित याचिका पर केंद्र सरकार से जवाब तलब कर चुका है।
याचिका में वायु प्रदूषण और कार्बन उत्सर्जन पर लगाम लगाने के लिए सभी सार्वजनिक वाहनों और सरकारी वाहनों को धीरे-धीरे इलेक्ट्रिक वाहनों में तब्दील करने की केंद्र की नीति के क्रियान्वयन का अनुरोध किया गया है।
Nitin Gadkari MG ZS EV
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प्रधान न्यायाधीश एस ए बोबडे, न्यायमूर्ति बी आर गवई और न्यायमूर्ति सूर्य कांत की पीठ ने गैर सरकारी संगठन सेंटर फॉर पब्लिक इंटरेस्ट लिटिगेशन की ओर से दायर यचिका का संज्ञान लेते हुए केंद्र को नोटिस जारी किया था और सड़क परिवहन मंत्रालय को चार सप्ताह के अंदर नोटिस का जवाब देने को कहा था।
Nitin Gadkari MG ZS EV
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इस बीच सार्वजनिक क्षेत्र की कंपनी Energy Efficiency Services Limited (EESL) एनर्जी इफीशिएंसी सर्विसेज (ईईएसएल) ने विभिन्न ऑटोमोबाइल कंपनियों से 1000 इलेक्ट्रिक वाहनों को खरीदने का टेंडर निकाला है, ताकी साल 2030 तक उसकी सभी गाड़ियां इलेक्ट्रिक वर्जन की हों।
MG ZS EV delivery to EESL
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पिछले महीने ही MG Motor ने अपनी पहली इलेक्ट्रिक कार MG ZS EV की डिलीवरी EESL को की थी। EESL ने MG Motor को पांच MG ZS EV का ऑर्डर दिया था। कंपनी जल्द ही अन्य गाड़ियों की डिलीवरी करेगी।