भारत में जहां आॅटोमोबाइल सेक्टर दिन पर दिन उभर कर सामने आ रहा है वहीं कई विदेशी कंपनियां भी इसमें निवेश करने को लेकर उत्सुकता दिखा रही हैं। नई कारों की ब्रिकी के साथ पिछले कुछ समय में पुरानी कारों का बाजार भी जोरों पर है। अंग्रेजी अखबार की एक रिपोर्ट के मुताबिक भारत में पुरानी कारों की सेल पिछले साल लगभग 7.7 मिलियन रही।
इसी को देखते हुए कार कंपनियां अपने pre-owned कार शोरूम भी खोल रही हैं। इसी क्रम में मारुति का ट्रू वैल्यू और महिंद्रा का महिंद्रा फस्ट चाईस अपनी शुरुआत कर चुके हैं। गाड़ी को खरीदना है तो साधन हम आपको बता ही चुके हैं लेकिन खरीदते वक्त क्या सावधानी बरतें वो भी आपको बता देते हैं। जिससे आपको गाड़ी की परफॅारमेंस समझने में मदद मिलेगी।
स्टार्ट कर छोड़ दे गाड़ी
न्यूट्रल गियर पर स्टार्ट करके गाडी को कुछ देर के लिए छोड़ दे। ध्यान दे ड्राइवर कैबिन में किसी प्रकार की आवाज या वाइब्रेशन महसूस हो रहा है या नहीं।
गाडी का टेम्परेचर जांच लें
बोनट पर हाथ रख कर गाडी का टेम्परेचर जाँच लें, अगर गाडी नार्मल टेम्परेचर पर हो तब ही चलाये। इससे आपको गाडी की परफॅारमेंस समझने में मदद मिलेगी।
एक लम्बी टेस्ट ड्राइव
अक्सर लोग एक छोटी सी टेस्ट ड्राइव से ही गाड़ी को खरीदने के लिए हॉ बोल देते हैं लेकिन आपको गाड़ी की दशा समझने के लिए कम से कम 15 से 20 किमी की ड्राइव जरूर लेनी चाहिए।
ब्रेक टेस्ट
गाड़ी का किसी भी खाली रोड़ पर एक इमर्जन्सी ब्रेक टेस्ट जरूर लें। इससे आपको गाड़ी के ब्रेकिंग सिस्टम को समझने में काफी आसानी होगी।
हैंडब्रेक टेस्ट भी लें
अक्सर आपने देखा होगा कि हम हैंडब्रक का बहुत ज्यादा इस्तेमाल नहीं करते हैं लेकिन आपको बता दें, यह भी बेहद जरूरी है। कई बार ढलान वाली रोड पर हम अपनी जान सिर्फ इसी की मदद से बचा पाते है।