फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

Car Tips: पुरानी कार बेचने के नाम पर जमकर हो रही धोखाधड़ी, जानें क्या-क्या हथकंडे अपना रहे ठग

Wed, 13 Mar 2019 05:49 PM IST
Harendra Chaudhary ऑटो डेस्क, अमर उजाला
विज्ञापन
Old Car sellers
विज्ञापन

अगर आप कार बाजार से पुरानी कार खरीदने की योजना बना रहे हैं, तो यह खबर जरूर पढ़ लें। यूज्ड कार बाजार में इन दिनों कई तरह के फ्रॉड चल रहे हैं, जो आपके पुरानी कार खरीदने के अनुभव को कड़वा कर सकते हैं। वहीं ऑनलाइन कार बाजार भी इससे अछूता नहीं है। यहां तरह तरह की डील्स दिखा कर ग्राहकों के साथ ठगी की जाती है। आइए जानते हैं कुछ ऐसे ही स्कैम्स के बारे में...

 

विज्ञापन

एडवांस में पैसे देने से बचें

ऑनलाइन कार का एड दिखा कर पहले संभावित ग्राहक को फंसाया जाता है और एड में ग्राहक से एडवांस पैसे ले आकर आने के लिए कहा जाता है। ऐसी तमाम घटनाएं सामने आई हैं, जिनमें कार देखने आए लोगों के साथ लूट की वारदातें हुई हैं। अगर ऑनलाइन एड में सेलर आपसे टोकन मनी लेकर आने के लिए कहता है, तो समझ जाएं कि दाल में कुछ काला है। वहीं एडवांस में छोटी रकम दें और उसकी रिसीप्ट जरूर लें। वहीं अकसर ऐसा भी होता है कि कार बेचने वाला शख्स कई लोगों को कार दिखा कर एडवांस पैसे ले लेते हैं और रफुचक्कर हो जाते हैं।

 

महंगी कार सस्ते में बेचने का स्कैम

ऑनलाइन डील्स में एक स्कैम अकसर बार-बार सामने आता है, जिसमें एक अच्छी कार को कम दाम में बेचने का दावा किया जाता है। यह केवल ग्राहकों को आकर्षित करने के लिए किया जाता है। इसलिए कभी भी ऐसे विज्ञापनों के जाल में न फंसे। कार के मॉडल की अच्छे से रिसर्च कर उसकी कीमत का पता करें। पुरानी कार बाजार का यह फंडा है कि पेट्रोल कारों के मुकाबले डीजल और सीएनजी कारें महंगी मिलती हैं, वहीं ज्यादा चली हुई कारें सस्ती मिलती हैं।     

कार का मीटर पीछे करना

कई लोग सोचते हैं कि कार के ओडोमीटर के साथ छेड़छाड़ नहीं की जा सकती। लेकिन यह सोच गलत है। कार बेचने वाले ओडोमीटर के साथ छेड़छाड़ करके उसे पीछे कर देते हैं, ताकि कार कम चली हुई लगे और ज्यादा पैसे मिल जाएं। लेकिन इसकी काट है कि सर्विस सेंटर में कार की हिस्ट्री पता करें और दोनों रीडिंग्स का मिलान करें। इसके अलावा कार के VIN नंबर से डिटेल्स निकाली जा सकती हैं।

 

लिस्टिंग में गड़बड़ी

ऑनलाइन क्लासीफाइडस में यह स्कैम बेहद कॉमन है। लिस्टिंग में ठग कार खरीदने वालों को लुभाने के लिए फर्जी कार की फोटो और स्पैसिफिकेशंस डालते हैं। जिनमें कई फीचर्स का कोई अतापता नहीं होता। इनमें अक्सर पेट्रोल कारों का डीजल कह कर और मैनुअल ट्रांसमिशन वाली कार को ऑटोमौटिक कह कर बेचा जाता है। इसलिए खरीदने से पहले अच्छे से पताकर लें।

 

मैकेनिक या एक्सपर्ट फ्रेंड को साथ ले जाएं

पुरानी कारों के डीलर अपने पास कुछ एजेंट्स रखते हैं, जिन्हें वे ग्राहकों से कार एक्सपर्ट कह कर मिलवाते हैं। इनका काम ही होता है ग्राहक को कार की क्वालिटी को लेकर संतुष्ट करना। बातचीत के दौरान ये आपको अपनी बातों में फंसा लेंगे। अगर कार खरीदने डीलर के पास जा रहे हैं, तो किसी मैकेनिक या एक्सपर्ट फ्रेंड को साथ ले जाएं। अगर डीलर कार के इंस्पेक्शन से मना करे तो समझ जाएं कि कोई गड़बड़झाला है।

पेपरवर्क में न बरतें ढिलाई

पुरानी कारों के मामले में कभी भी पेपरवर्क में ढिलाई न बरतें। कई बार ऐसा होता है कि चोरी की गाड़ियों लोगों को बेच दी जाती हैं और जब पेपरवर्क की बात आती है, तो आनाकानी की जाती है। गाड़ी की इंस्पेक्शन के दौरान कागजातों को ठीक से जांच लें और असली रजिस्ट्रेशन सर्टिफिकेट और इंश्योरेंस कापी देखने के बाद ही टोकन मनी दें। साथ ही बेचने वाले शख्स से एनओसी देने के लिए कहें। कार के रजिस्ट्रेशन को कार कंपनी सर्विस सेंटर पर जाकर भी चेक किया जा सकता है।

 

कार हिस्ट्री वेरिफिकेशन

कार बेचने के नाम पर ठगी करने वाले अब पहले से स्मार्ट होते जा रहे हैं। पहले जब आप उनसे कार की सर्विस हिस्ट्री मांगते थे, तो फर्जी सर्विस के कागजात दिखा कर पल्ला झाड़ लेते थे। वहीं अब यह बहाना होता है कि कार कई जगह सर्विस हुई है, इसलिए उसके सर्विस डॉक्यूमेंट्स नहीं हैं। ऐसे में सेलर से वर्कशॉप्स का पता पूछ कर खुद वेरिफाई करें।

 

दिन में लें टेस्ट ड्राइव

कार खरीदने से पहले टेस्ट ड्राइव जरूर करें। टेस्ट ड्राइव से पहले किसी मैकेनिक या किसी एक्सपर्ट फ्रेंड को साथ जरूर ले जाएं। कार की टेस्ट ड्राइव रात में न करें, हमेशा दिन में ही करें। अगर डीलर टेस्ट ड्राइव से मना करे तो समझ लें कि कुछ गड़बड़ है।

 

कैश देने से बचें

कार खरीदने के दौरान अगर कोई डीलर ये कहे कि केवल कैश चाहिए, तो उसे ऑनलाइन, डिमांड ड्राफ्ट या चेक के जरिए पेमेंट लेने को कहें। डीलर आपसे टैक्स का हवाला देकर कैश देने के लिए मनाने की कोशिश करेगा। वहीं जिसके नाम कार है उसी के अकाउंट में पेमेंट करें या डिमांड ड्राफ्ट बनवाएं।

 

विज्ञापन

फर्जी मालिकों से सावधान

अगर डीलर आपसे ये कहे कि कार का मालिक यहां नहीं है और फोन पर बात कर लें, तो उससे कहें कि जब वे उपलब्ध होंगे तभी आगे बातचीत करेंगे। वहीं सेल पेपर जैसे डॉक्यूमेंट्स भी सामने ही साइन करवाएं। कुल मिला कर यह कि यह अच्छे से जांच कि जो कार आप ले रहे हैं आप उसके असली मालिक से ही मिल रहें हैं, न कि किसी ठग से। चाहें तो मालिक का वेरिफिकेशन करने के लिए सोशल मीडिया की भी मदद ले सकते हैं।  

 

और पढ़ें...
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें