दुनिया में टेक्नोलॉजी इस समय तेजी से आगे बढ़ रही है। ऐसे में भारतीय पुलिस भी अब मॉर्डन हो गई है। अब वो दिन गए जब चालान या ट्रैफिक टिकट केवल मौके पर जारी किए जाते थे। कई राज्यों की पुलिस द्वारा कुछ समय से E-Challans का इस्तेमाल किया जा रहा है हालांकि, बहुत से लोग अभी भी ई-चालान के बारे में गहन जानकारी नहीं रखते हैं।
वो इस बात से अंजान रहते हैं कि कार के जब्त होने तक उनका जुर्माना बढ़ता रहता है। लेकिन शायद आप तेलंगाना के इस व्यक्ति की कहानी सुनकर E-Challans का सही मायने में अर्थ समझ पाएं। तेलंगाना के थावरी नाइक के नाम पर कुल 102 लंबित चालान थे। दिलचस्प बात यह है कि 95% से अधिक चालान गलत पार्किंग जैसे कुछ मुद्दों पर काटे गए थे।
ये सभी चालान फोर्ड एस्पायर कॉम्पैक्ट सेडान टैक्सी पर पंजीकृत किए गए हैं। टैक्सी होने के कारण इस कार के सबसे ज्यादा गलत पार्किंग के चालान काटे गए। हो सकता है कि ड्राइवर यात्रियों को लेने के लिए कुछ क्षेत्रों में रुक जाया करता था। जहां कोई पार्किंग की व्यवस्था नहीं होने से ड्राइवर को गलत पार्किंग करनी पड़ी हो। जिसकी लापरवाही के कारण उस पर 16,565 रुपए का जुर्माना लगाया गया।
यह मामला सामने तब आया जब कुछ दिन पहले ही अपराधी पकड़ा गया। पुलिस ने इसे रैंडम चेकिंग के लिए रोका । हालांकि, ट्रैफिक पुलिस ने चालान सिस्टम के साथ कार का विवरण देखा तो पाया गया कि कार पर पहले से ही भारी संख्या में चालान थे। जिसका अंदाजा खुद चालक को भी नहीं था।
चालान नियम के अनुसार, 10 या उससे अधिक चालान वाले किसी भी वाहन को हिरासत में लिया जा सकता है और मालिक के खिलाफ आगे की कानूनी कार्रवाई शुरू की जा सकती है। कार मालिकों और ड्राइवरों को नियमित रूप से ई-चालान साइट की जांच करनी चाहिए ताकि यह सुनिश्चित हो सके कि वाहन के खिलाफ कोई जुर्माना नहीं लगाया गया है।