जानकारी के लिए बता दें कि पिछले 2 सालों में हर हफ्ते करीब 2 कार शो रूम पर ताला लगा चुका है, प्लाजा हुंडई (मथुरा रोड, दिल्ली) शो-रूम पर भी ताला लग चुका है। जिसकी वजह से वहां काम कर रहे लोगों की नौकरी चली गई। इतना ही नहीं साथ ही जिन ग्राहकों ने प्लाजा हुंडई शोरूम से कार बुक की थी उन्हें अभी तक कार नहीं मिली और काफी ग्राहकों को गाड़ी के रजिस्ट्रेशन को लेकर भी परेशानी का सामना करना पड़ा। एक अनुमान के मुताबिक देश के ऑटोमोटिव रिटेल सेक्टर को करीब 2,000 करोड़ रुपये का नुकसान हुआ है और करीब 3 हजार से ज्यादा लोगों को अपनी नौकरी गंवानी पड़ी। मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक 2017-18 में हुंडई मोटर इंडिया के करीब 23 शोरूम, निसान के 38 शो रूम और होंडा, मारुति सुजुकी, टाटा मोटर्स और महिंद्रा एंड महिंद्रा के करीब 12 शो रूम बंद हो चुके हैं।
एक्सपर्ट्स कहते हैं भारत में डीलर्स का मार्जिन 2.5-5 प्रतिशत है। मेट्रो सिटी में कर्मचारियों की सैलरी बढ़ने से भी डीलर्स की परेशानी बढ़ाती है। इतना ही नहीं इंश्योरेंस और फाइनेंस कंपनियों की तरफ से मिलने वाला मार्जिन भी अब कम हो रहा है। देश में GST लागू होने के बाद से डीलरों को कैश की कमी का भी सामना करना पड़ रहा है। बड़े शहरों में हर दूसरे कार डीलर को व्यापार में घाटे का सामना करना पड़ रहा है जबकि दूरदराज के इलाकों के डीलरों की हालत फिर भी कुछ ठीक है। लेकिन गाड़ियों की बिक्री में लगातार गिरावट के चलते उन्हें भी रिटर्न हासिल करने में अधिक समय लग रहा है।