द इकोनॉमिक टाइम्स की एक रिपोर्ट के अनुसार, डीलरशिप की मदद करने के लिए, कार निर्माता 1800 करोड़ रुपये का एक खास COVID-19 पैकेज लेकर आए हैं, जिसका इस्तेमाल किराया, बिजली बिल और कर्मचारियों की तनख्वाह जैसे निर्धारित लागतों का भुगतान करने में किया जाएगा।
डीलरशिप पर पहले से ही बिना बिके हुए BS4 स्टॉक पर बोझ है, जिसकी अनुमानित कीमत करीब 200 करोड़ रुपये है। इसलिए इस राहत पैकेज को एक बड़ी मदद माना जा सकता है। इसके अलावा, कार निर्माता भी BS4 इन्वेंटरी के बचे रहने के कारण नुकसान के एक हिस्से को साझा करने की योजना बना रहे हैं। और मार्च के आखिरी हफ्ते में भुगतान करना शुरू कर भी चुके हैं जो अप्रैल के पहले हफ्ते तक जारी रहेगा। किसी सामान्य परिस्थिति में, कार निर्माता अप्रैल के आखिर में या मई की शुरुआत में भुगतान करते। रिपोर्ट में बताया गया है कि कार निर्माता प्रदर्शन और मापदंडों की परवाह किए बिना पूरा इंसेन्टिव दे रहे हैं, जो अब वे दे रहे हैं इसकी तुलना में कम हो सकता था।
रिपोर्ट के मुताबिक Toyota Kirloskar Motor (TKM) (टोयोटा किर्लोस्कर मोटर) के वरिष्ठ उपाध्यक्ष नवीन सोनी ने कहा, "डीलर हमारी सबसे बड़ी संपत्ति हैं। लॉकडाउन के बाद से हमारा पूरा ध्यान उनके स्वास्थ्य पर था। हम एक ऐसा पैकेज लेकर आए हैं जो यह सुनिश्चित करेगा कि अगले 38-75 दिनों में डीलरों के नकदी प्रवाह पर ध्यान दिया जा सके।"
अगर 14 अप्रैल की समय सीमा के बाद लॉकडाउन बढ़ा दिया जाता है, तो कार निर्माता डीलरशिप के वित्तीय हालत को दुरूस्त करने के लिए कुछ और कदम उठाने पर विचार कर रहे हैं। डीलरशिप ब्रांड और ग्राहकों के बीच की सबसे अहम कड़ी होता है। कार निर्माता बैंकों और वित्तीय संस्थानों से ऑटो रिटेल चैनलों के किस्त के भुगतान की समय सीमा को बढ़ाने की अपील कर रहे हैं।
ईटी के मुताबिक Maruti Suzuki (मारुति सुजुकी) में मार्केटिंग एंड सेल्स के कार्यकारी निदेशक शशांक श्रीवास्तव का कहना है कि लॉकडाउन के कारण खुदरा बिक्री नहीं हुई है। लेकिन इन्वेंट्री फाइनेंसिंग का प्रक्रिया तो चालू है। यह डीलरों पर बहुत बड़ा बोझ है और मारुति इन्वेंट्री फाइनेंसिंग की किस्त पर रोक के लिए सभी बैंकिंग भागीदारों के साथ संपर्क में है।
मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक ऑटो मेकर्स मौजूदा हालात में खरीदारों को आकर्षित करने के लिए अपने BS6 वाहनों की BS4 मॉडल की कीमतों पर बेचने के लिए मजबूर हो सकते हैं। नए ईंधन मानकों को लागू करे की समय सीमा के बीच कोरोना वायरस महामारी ने ऑटो सेक्टर की मुश्किलों को और बढ़ा दिया है।
टोयोटा ने इसी साल जनवरी से अपने BS6 वाहनों को बेचना शुरू किया है। रिपोर्ट के मुताबिक टोयोटा ने तय किया है कि वह अपने BS6 वाहनों के बढ़ी हुई कीमतों को पूरी तरह से ग्राहकों से नहीं वसूलेगी, क्योंकि ग्राहक पहले से ही नई गाड़ी खरीदने से हिचकिचा रहे हैं।