लॉकडाउन 2.0 पर सरकार के दिशानिर्देशों ने उन लोगों को कुछ राहत दी है, जिन्हें अपने वाहनों में बाहर जाना पड़ता है। दिशानिर्देशों में कहा गया है कि चिकित्सा और पशु चिकित्सा देखभाल सहित आपातकालीन सेवाओं और आवश्यक वस्तुओं की खरीद के लिए निजी वाहनों को अनुमति दी जाएगी। ऐसे मामलों में, चार पहिया वाहन में निजी वाहन के ड्राइवर के अलावा एक यात्री को पीछे की सीट में बैठने की अनुमति दी जा सकती है। वहीं दोपहिया वाहनों के मामले में, केवल वाहन के चालक को ही अनुमति है।
नए लॉकडाउन दिशानिर्देशों में कुछ स्व-रोजगार वाले पेशेवरों को भी अनुमति दी गई है, जिनका आम लोगों के जीवन पर सीधा असर पड़ता है। अच्छी बात यह है कि मोटर मैकेनिक को भी इस सूची में शामिल किया गया है। यदि आप अपनी गाड़ी में किसी तरह की परेशानी का सामना कर रहे हैं, तो आप अपने स्थानीय मैकेनिक से मदद ले सकते हैं।
नए दिशा-निर्देश उन क्षेत्रों में लागू नहीं होंगे, जिन्हें राज्यों, केंद्र शासित प्रदेशों और जिला प्रशासन ने महामारी को देखते हुए सीमांकित किया है।
BS4 वाहनों की बिक्री
हालांकि, BS4 वाहनों की बिना बिकी हुई इन्वेंट्री का क्या होगा, यह सवाल अभी भी बना हुआ है। सुप्रीम कोर्ट ने हाल ही में कोरोनो वायरस लॉकडाउन खत्म होने के बाद 10 दिनों के लिए BS4 वाहनों की बिक्री और पंजीकरण की अनुमति दी थी, जो 15 अप्रैल को समाप्त होने वाली थी। वाहन डीलरों को BS4स्टॉक के सिर्फ 10 फीसदी स्टॉक को बेचने और पंजीकरण की शर्त के साथ यह अनुमति दी गई थी।
अब, लॉकडाउन को बढ़ाने जाने के साथ, शोरूम भी 3 मई तक बंद रहेंगे। बचे हुए BS4 वाहनों की बिक्री केवल 4 से 13 मई के बीच हो सकती है। FADA के अनुसार, भारत में दोपहिया वाहन सहित 7 लाख से अधिक BS4 वाहन हैं जो नहीं बिक पाए हैं।
कुछ वाहन निर्माताओं ने कहा है कि वे अपने बचे हुई BS4 इन्वेंट्री को वापस ले लेंगे। लेकिन फिर भी, इस बात की संभावना नहीं है कि सभी बचे हुए BS4 वाहनों को बेचा जा सकेगा।
मार्च का महीना बिक्री के लिहाज से ऑटो इंडस्ट्री के सबसे खराब महीनों में से एक दर्ज किया गया। हालांकि अब सीमित कार्यबल के साथ कुछ संयंत्रों में उत्पादन कार्यों को फिर से शुरू करने की उम्मीद है। लेकिन बिना बिके हुए और पुराने हो चुके BS4 इन्वेंट्री की लागत पहले से ही खस्ताहाल उद्योग के संकट में इजाफा ही करेगा।