ब्रिटेन के प्रधानमंत्री बोरिस जॉनसन ने एक साइकिल के साथ अपनी तस्वीर को सोशल मीडिया पर पोस्ट किया है। खास बात यह है कि यह साइकिल भारतीय कंपनी हीरो कंपनी की है, जिसे ब्रिटेन में बनाया गया है। बता दें कि बोरिस जॉनसन को साइकिल चलाने का शौक है। पीएम जॉनसन को इंग्लैंड के नॉटिंघम में हीरो वाइकिंग प्रो बाइक पर सवार देखा गया।
जॉनसन ने तस्वीर को ट्विटर पर शेयर करते हुए लिखा, "स्वास्थ्य और पर्यावरण से संबंधित चुनौतियों से आए दिन सामना करने में पैदल चलने और साइकिल चलाने की एक अहम भूमिका है।" उन्होंने ट्वीट में आगे कहा, "हमारी दो यूरो बिलियन साइकिल की रणनीति हजारों मील की नई बाइक लेन के साथ अधिक साइकिलिंग को प्रोत्साहित करेगी, और जो सीखना चाहते हैं, उनके लिए ट्रेनिंग में मदद करेगी।"
दरअसल कोरोना वायरस से हुई तबाही के बाद अब कई देशों में जीवन वापस से पटरी पर लौटने लगा है। पश्चिमी देशों में प्रशासन को डर है कि लॉकडाउन खत्म होने के बाद लोग सार्वजनिक परिवहन में यात्रा करने से डरेंगे। ऐसे में पश्चिमी देशों में ट्रेन और बसों में यात्रा करने के बजाय लोगों को साइकिल पर चलने के लिए प्रोत्साहित किया जा रहा है।
इसी कड़ी में जर्मनी से लेकर पेरु तक के सामाजिक कार्यकर्ता लगातार सड़कों पर अलग से साइकिल लेन बनाने या पहले से मौजूद लेन को चौड़ा करने की मांग कर रहे हैं। इनका कहना है कि भले ही इसे छोटे अंतराल के लिए ही सही लेकिन यह किया जाना चाहिए।
इस मामले में यूरोपीय साइकिल संघ के सह अध्यक्ष मॉर्टन काबेल ने कुछ समय पहले कहा था कि अगर शहरों को सुचारु रूप से चलाना है तो साइकिल के लिए अनुकूल वातावरण बनाना होगा। उन्होंने कहा था, “बहुत से लोग सार्वजनिक परिवहन में चलने से डरेंगे लेकिन कभी न कभी तो इन्हें काम पर जाना ही होगा। ऐसे में बहुत कम ही शहर ऐसे हैं जो सड़कों पर कारों की अधिक मात्रा को बर्दाश्त कर पाएंगे।”
डेनमार्क की राजधानी कोपेनहेगेन में लोग रोजाना यात्रा के लिए भारी संख्या में साइकिल का इस्तेमाल कर रहे हैं। वहीं, नीदरलैंड में भी साइकिल लेन का विस्तृत जाल बिछा हुआ है।
वहीं, बर्लिन में कुछ सड़कों पर पीली रेखा बनाकर कार और साइकिल के लिए अलग लेन बनाई गई है। इसी तरह की पहल पेरु के लिमा शहर, स्पेन के बार्सिलोना और इटली के मिलान में भी की जा रही है।