भारतीय ऑटोमोबाइल उद्योग पर छाए मंदी के बादल के जल्दी छंटने की संभवना नहीं दिखती। क्रेडिट रेटिंग एजेंसी ICRA (इकरा) ने 2020-21 में ऑटो सेक्टर की बिक्री में 10 से 11 फीसदी की कमी आने की आशंका जताई है।
ICRA Limited (ICRA) एक स्वतंत्र भारतीय और पेशेवर निवेश सूचना और क्रेडिट रेटिंग एजेंसी है। इसकी स्थापना 1991 में हुई थी। इकरा का कहना है कि कोरोना वायरस और देशव्यापी लॉकडाउन की वजह से ऑटो बाजार में ग्राहकों के आने में समय लग सकता है।
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कोरोना वायरस महामारी के चलते वैश्विक अर्थव्यवस्था में मंदी का दौर आना लगभग तय माना जा रहा है। विश्व के तमाम बड़े अर्थशास्त्रियों का कहना है कि मंदी आएगी और संभव है कि यह वर्ष 2008 की मंदी से ज्यादा बड़ी हो।
Covid 19 (कोरोना वायरस) महामारी के प्रकोप की वजह से देशव्यापी लॉकडाउन जैसा बेहद जरूरी कदम उठाया गया। लेकिन इससे देश की अर्थव्यवस्था पर भी असर पड़ा है। इसमें भी देश की ऑटोमोबाइल इंडस्ट्री भी खासी प्रभावित हुई है। देश की सबसे बड़ी कार निर्माता कंपनी Maruti Suzuki India (मारुति सुजुकी इंडिया) ने शेयर बाजार को बताया है कि मार्च महीने में उत्पादन में 32.05 फीसदी कमी आई है।
पैसेंजर गाड़ियों का उत्पादन घटा
कंपनी ने जानकारी दी है कि इस साल मार्च में 92,540 वाहनों का उत्पादन किया गया, जबकि पिछले साल इसी अवधि में उसने 1,36,201 वाहनों का उत्पादन किया था। इस दौरान यात्री वाहनों का उत्पादन साल भर पहले की 1,35,236 यूनिट्स की तुलना में 32.26 फीसदी कम होकर 91,602 यूनिट्स पर आ गया।
Maruti की मिनी और कॉम्पैक्ट सेगमेंट की ऑल्टो (Alto), एस-प्रेसो (S-Presso), वैगनआर (WagonR), सेलेरियो (Celerio), इग्निस (Ignis), स्विफ्ट (Swift), बलेनो और डिजायर जैसी गाड़ियों के उत्पादन में भी करीब 32 फीसदी की कमी आई है। इस दौरान मार्च 2019 के 98,602 वाहनों की तुलना में उत्पादन घटकर मार्च 2020 में 67,708 वाहनों पर आ गया।
मारुति ने मार्च 2020 में विटारा ब्रेजा, एर्टिगा और एस-क्रॉस जैसे 15,203 यूटिलिटी वाहनों का उत्पादन किया। यह साल भर पहले के 17,719 वाहनों की तुलना में 14.19 प्रतिशत कम है। इसी तरह, मध्यम आकार के सेडान सियाज का उत्पादन 3,205 वाहनों से कम होकर 2,146 वाहनों पर और हल्के कॉमर्शियल वाहन सुपर कैरी का उत्पादन 965 इकाइयों से कम होकर 938 इकाइयों पर आ गया। बता दें कि कंपनी ने फरवरी में भी उत्पादन में 5.38 प्रतिशत की कटौती की थी।
प्लांट में उत्पादन बंद
गौरतलब है कि देशव्यापी लॉकडाउन के कारण मारुति समेत ऑटोमोबाइल इंडस्ट्री की अन्य कंपनियों ने अपने प्लांट में उत्पादन का कार्य फिलहाल बंद कर दिए हैं। ऐसे में ऑटो विनिर्माण उद्योग संगठन SIAM ने हर दिन 2300 करोड़ रुपये के नुकसान की आशंका जताई है।