अब हैदराबाद की सड़कों पर कोरोना कार घूम रही है। इस खतरनाक वायरस के बारे में जागरूकता पैदा करने के लिए कोरोनोवायरस मॉडल की कार बनाई गई है। और इसे बनाया है हैदराबाद के निवासी के. सुधाकर ने जो आपकी कल्पना के परे अजीब आकार वाली कारों को बनाने के लिए मशहूर हैं। सुधाकर ने बुधवार को इस नई कार का अनावरण किया।
के. सुधाकर हैदराबाद में एक विचित्र संग्रहालय चलाते हैं और इसका नाम है सुधा कार। वे सुधा कार म्यूजियम के मालिक भी हैं।
कार का इंजन
यह कार वन सीटर है। इसमें 100 सीसी का इंजन लगा है। कार में छह पहिये और एक फाइबर बॉडी है। यह करीब 40 किलोमीटर प्रति घंटा की रफ्तार से चल सकती है।
सुधाकर ने बताया कि कार को बनाने में 10 दिन लगे। उन्होंने यह भी कहा- उम्मीद है कि मैं इससे जागरुकता फैला सकता हूं। साथ ही लोगों को घर में रहने के लिए समझा सकता हूं।
सुधाकर इस कार को बनाने के मकसद के बारे में बताते हैं कि आखिर उन्होंने यह कार क्यों बनाई। वे कहते हैं कि कोरोनावायरस के बारे में लोगों को जागरूक बनाना उनका उद्देश्य है, ताकि लोग अपने घरों ही रहे। वे इस 'कोरोना कार' के जरिए लोगों को जानलेवा कोरोना वायरस के प्रति जागरूक करने के लिए प्रोत्साहित करना चाहते हैं।
सुधाकर कोविड-19 के बारे में जागरूकता पैदा करने में मदद करने के लिए हैदराबाद पुलिस को यह कार दान करने की योजना बना रहे हैं।
कोरोना मिठाई
पश्चिम बंगाल में बनाई गई कोरोना मिठाई सोशल मीडिया पर चर्चा का विषय बन गई। कोलकाता में एक मिठाई दुकानदार ने कोरोना वायरस के जैसी दिखनी वाली मिठाई बनाई। दुनिया में भले ही कोरोना वायरस का प्रकोप और डर फैला हुआ है लेकिन कोलकाता के लोगों को यह मिठाई खूब पसंद आई।
मिठाई दुकान को मिली छूट
बंगाल सरकार ने लॉकडाउन के दौरान मिठाई दुकानों को हर दिन 4 घंटे के लिए खोलने की छूट दी थी। पूरे राज्य में दोपहर 12 से 4 के बीच मिठाई दुकानें खोलने की इजाजत दी गई है। हालांकि मिठाई दुकान में 2 से ज्यादा कर्मचारी नहीं होंगे। दुकानदारों से सामाजिक दूरी बनाए रखने के निर्देश दिए गए हैं।
कोरोना हेलमेट
कुछ दिनों पहले एक शख्स ने कोरोना हेलमेट बनाई थी। कानपुर के एक युवा ने कोरोना वायरस से बचने के लिए एक विशेष सेफ्टी किट तैयार की थी। यह किट हेलमेट जैसी पहनी जा सकेगी। फील्ड में काम करने वाले डॉक्टर, पैरा मेडिकल स्टाफ, पुलिस सेफ्टी कवच पहनकर आसानी से काम कर सकेगी। कोरोना हेलमेट बनाने का मकसद लोगों को कोरोना वायरस के बारे में जागरूक करना था।
सुधाकर ने गिनीज वर्ल्ड रिकॉर्ड कायम किया
सुधाकर ने इससे पहले भी अपने अनोखे वाहनों के लिए चर्चा में रहे हैं। उन्होंने दुनिया का सबसे बड़ा ट्राइसाइकिल डिजाइन करने का गिनीज वर्ल्ड रिकॉर्ड भी कायम किया है।
पिंजरे वाली कार
इससे भी पहले उन्होंने एक पिंजरे वाली कार बनाई थी। इस कार को बनाने का मकसद लोगों को यह संदेश देना था कि वे पक्षियों को पिंजरे में न रखें।
बनाई कंडोम बाइक
सुधाकर सामाजिक संदेशों को देने के लिए नए-नए प्रयोग करने से नहीं हिचकते। एड्स बीमारी के प्रति लोगों को जागरूक बनाने के लिए उन्होंने कंडोम बाइक बनाई थी। इतना ही नहीं धूम्रपान छोड़ने के लिए युवाओं को प्रेरित करने के लिए उन्होंने एक सिगरेट बाइक बनाई थी।
हेलमेट कार
सड़क दुर्घटनाओं में लोग अकारण अपनी जान गंवा बैठते हैं। सड़क हादसों में सुरक्षा अपनाकर लोगों की जान बचाई जा सकती है। इसके लिए उन्होंने हेलमेट कार बनाकर सड़क सुरक्षा का संदेश दिया था।
ये भी इनके नाम
उन्होंने बर्गर, स्टिलेटो, बैग, कैमरा, फुटबॉल और कंप्यूटर के आकार में भी कारें बनाई हैं।
तरह-तरह के आइडिया पर कार बनाने पर सुधाकर कहते हैं कि समाज को कुछ वापस लौटाने का यह उनका खास तरीका है। सुधाकार का कार म्यूजियम सुधा कार हैदराबाद के नेहरू प्राणी उद्यान के नजदीक स्थित है जहां वे अपनी इस अजीबोगरीब कारों को डिस्प्ले पर रखते हैं।