गूगल ने ड्राइवरलैस कार पर काम करके पूरी दुनिया को चौंकाया और उसके बाद कई ऑटोमोबाइल कंपनियों ने इस विचार को अपनाया और तेजी से प्रगति की। बहरहाल भारत में नीतियां स्पष्ट नहीं होने की वजह से
ड्राइवलैस कार की दिशा में ज्यादा काम नहीं हो पाया। ऑटो एक्सपो में मौजूद ऑटोमोबाइल विशेषज्ञों का कहना है कि सरकार को इस दिशा में जल्दी नीति बना लेनी चाहिए। ड्राइवरैस कार अब सपना नहीं सचाई है। इससे मुंह नहीं मोड़ा जा सकता। इसका फायदा ही होना है। इससे लगता है भारत में भी ड्राइवरलैस कार आने वाले समय में चलती नजर आएगी।
ग्रेटर नोएडा में चल रहे ऑटो एक्सपो में ऑटोनोमस तकनीक का कई कंपनियों ने प्रदर्शन किया है। हालांकि अभी पूरी तरह ड्राइवरलैस कार को भारत में बनाने की दिशा में कोई ऑटोमोबाइल कंपनी ज्यादा इच्छुक नहीं नजर आ रही है। लेकिन यहां दिलचस्प यह कि ऑटोनोमस वह तकनीक है जो ड्राइवरलैस यानी चालक रहित कार की तरफ जाता है।
भारत में मौजूदा कई कारों में ऐसे फंक्शन मौजूदा हैं जिनमें ड्राइवर के दखल की जरूरत नहीं पड़ती है। जैसे आप जहां जा रहे हैं कितनी देर में पहुंचेंगे, रास्ता कौन सा लेंगे। यह गाड़ियां सेंसर से पार्किंग की जगह भी खोज लेती हैं। अगर बारिश हो रही है तो यह अपने आप वाइपर चलाने लगेंगी। इस फीचर को दस लाख रुपये से कम वाली भी कई कारें दे रही हैं। 5जी तकनीक आने से कारें आपस में संवाद भी बना लेंगी। यह सब ड्राइवरलैस कार की तरफ बढ़ने का इशारा ही है।