इलेक्ट्रिक वाहनों और बसों को पूरी टोल छूट
राज्य मंत्रिमंडल ने अटल सेतु पर इलेक्ट्रिक कारों और इलेक्ट्रिक बसों के लिए पूरी तरह टोल माफी को भी मंजूरी दी है। यह फैसला महाराष्ट्र सरकार की इलेक्ट्रिक मोबिलिटी को बढ़ावा देने और व्यस्त मार्गों पर कार्बन उत्सर्जन कम करने की नीति के अनुरूप है।
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मुंबई के ट्रांसपोर्ट इंफ्रास्ट्रक्चर को मिलेगा बड़ा बूस्ट
टोल से जुड़े फैसलों के अलावा, मंत्रिमंडल ने मुंबई अर्बन ट्रांसपोर्ट प्रोजेक्ट फेज-2 (MUTP-2) के लिए संशोधित वित्तीय योजना को भी हरी झंडी दी है। इस परियोजना के तहत उपनगरीय रेल नेटवर्क को मजबूत किया जाएगा। जिससे लाखों मुंबईकरों की रोजाना की यात्रा बेहतर हो सकेगी।
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नई एजेंसी MAHIMA के गठन को मंजूरी
सरकार ने महाराष्ट्र एजेंसी फॉर होलिस्टिक इंटरनेशनल मोबिलिटी एंड एडवांसमेंट्स (MAHIMA) के गठन को भी मंजूरी दी है। यह एजेंसी विदेशों में रोजगार से जुड़ी योजनाओं का समन्वय करेगी और कुशल कामगारों को अंतरराष्ट्रीय नौकरी के अवसरों तक पहुंच बनाने में मदद करेगी।
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अटल सेतु से कितना कम हुआ सफर का समय?
अटल बिहारी वाजपेयी सेवरी–न्हावा शेवा अटल सेतु के शुरू होने के बाद मुंबई और नवी मुंबई के बीच यात्रा का समय काफी कम हो गया है। जहां पहले यह सफर एक घंटे से ज्यादा का होता था। वहीं अब नॉन-पीक आवर्स में यह दूरी 25 मिनट से भी कम समय में तय हो जाती है।
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वाशी और ऐरोली मार्गों पर ट्रैफिक का दबाव हुआ कम
अटल सेतु ने वाशी और ऐरोली जैसे पारंपरिक रूट्स से ट्रैफिक का बोझ कम किया है। साथ ही, इस पुल से नवी मुंबई अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे तक कनेक्टिविटी भी बेहतर हुई है।
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पोर्ट, एयरपोर्ट और उद्योगों के लिए रणनीतिक कड़ी
अटल सेतु अब सिर्फ ऑफिस जाने वालों तक सीमित नहीं है, बल्कि यह फ्रेट मूवमेंट और क्षेत्रीय विकास के लिए भी एक अहम कॉरिडोर बन चुका है। यह पुल नवी मुंबई के औद्योगिक इलाकों, निर्माणाधीन अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे और जेएनपीटी पोर्ट को जोड़ने वाली सड़कों से कनेक्ट होता है। जिससे व्यापार और लॉजिस्टिक्स को भी बड़ी राहत मिली है।
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