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व्यापार युद्ध और टैरिफ ने बढ़ाई मुश्किलें
अमेरिका-चीन व्यापार विवाद लगातार टेस्ला की लागत और प्राइसिंग स्ट्रैटेजी को प्रभावित कर रहा है। राष्ट्रपति ट्रंप की ओर से लगाए और हटाए जाने वाले टैरिफ के कारण ऑटोमेकर की सप्लाई चेन मैनेजमेंट व भविष्य की रणनीति जटिल हो गई है। इसी कारण टेस्ला दो साल से उत्तरी अमेरिका से ज्यादा सोर्सिंग बढ़ा रहा है।
चीन में टेस्ला की बिक्री में 9.9 प्रतिशत की गिरावट
चाइना पैसेंजर कार एसोसिएशन के अनुसार अक्तूबर 2025 में टेस्ला की चीन में बनी इलेक्ट्रिक की बिक्री 9.9 प्रतिशत गिरकर 61497 यूनिट्स रह गई। यह सितंबर की 2.8 प्रतिशत बढ़ाेतरी के बाद आई बड़ी गिरावट है। शंघाई प्लांट में मॉडल 3 व मॉडल वाई का उत्पादन भी महीने दर महीने 32.3 प्रतिशत कम हुआ है।
2025 ऑटो इंडस्ट्री के लिए ‘इमरजेंसी मोड’ का साल
दो देशों के बीच तनाव, चिप शॉर्टेज, दुर्लभ धातुओं की कमी और सप्लाई रुकावटों ने पूरे ऑटो सेक्टर को 2025 में अलर्ट मोड पर रखा है। इन परिस्थितियों में कई कंपनियां चीन पर निर्भरता कम करने की दिशा में तेजी से आगे बढ़ रही हैं।
जनरल मोटर्स ने भी दिया ‘नो-चाइना कंपोनेंट्स’ का निर्देश
इस सप्ताह जनरल मोटर्स ने भी हजारों सप्लायर्स को निर्देश दिया है कि वे अपनी सप्लाई चेन से चीन में बने कंपोनेंट्स हटाना शुरू करें। यह स्पष्ट संकेत है कि ग्लोबल ऑटो इंडस्ट्री भविष्य में बड़े सप्लाई चेन शिफ्ट की ओर बढ़ रही है।
विशेषज्ञों की माने तो भू-राजनीतिक दबाव, टैरिफ व सप्लाई रिस्क के चलते कई कंपनियां एशिया, अमेरिका व यूरोप में नए सप्लाई बेस ढूंढ रही है। टेस्ला की कदम इस व्यापक बदलाव की अगुवाई कर सकता है।
भविष्य का ट्रेंड: 'चीन से दूरी' ग्लोबल रणनीति बन सकती है
विशेषज्ञों के मुताबिक, भू-राजनीतिक दबाव, टैरिफ और सप्लाई रिस्क के चलते कई कंपनियां एशिया, अमेरिका और यूरोप में नए सप्लाई बेस ढूंढ रही हैं। टेस्ला का कदम इस व्यापक बदलाव की अगुवाई कर सकता है।