ट्रैफिक जाम के प्रतिकूल प्रचार और कतारों में फंसे वाहनों के वीडियो वायरल होने से शिमला और मनाली में पर्यटकों की संख्या प्रभावित हुई है। जिससे शुक्रवार को शिमला में 40 प्रतिशत और मनाली में 70 प्रतिशत से ज्यादा की ऑक्यूपेंसी दर्ज की गई है।
फेडरेशन ऑफ हिमाचल होटल्स एंड रेस्टोरेंट एसोसिएशन (FOHHRA) के अध्यक्ष गजेंद्र ठाकुर ने कहा कि मनाली में बड़े होटलों में ऑक्यूपेंसी 90 प्रतिशत से ज्यादा और छोटे और मध्यम साइज के होटलों में 70 प्रतिशत है।
उन्होंने कहा कि मनाली और उपनगरों में होटल, होमस्टे और अन्य आवास सहित लगभग 1,800 पर्यटन यूनिट्स हैं।
उन्होंने कहा कि रोहतांग में अटल टनल देखने के लिए पर्यटकों में भारी क्रेज है। लेकिन टनल के पास बड़ी संख्या में फंसे वाहनों की तस्वीरें वायरल हो गई हैं और भारी भीड़ ने पर्यटकों का मन बदल दिया है।
शिमला होटल एंड टूरिज्म स्टेकहोल्डर्स एसोसिएशन के अध्यक्ष एमके सेठ ने कहा कि राज्य सरकार ने शहर का दिल कहे जाने वाले माल रोड और रिज को रोशन और सजाकर और सांस्कृतिक उत्सवों की मेजबानी करके शिमला में विंटर कार्निवल आयोजित करने जैसी अच्छी पहल की है।
हालांकि, ट्रैफिक जाम के संबंध में सोशल मीडिया और कुछ इलेक्ट्रॉनिक चैनलों पर प्रतिकूल प्रचार ने पर्यटकों को अन्य स्थलों की ओर मोड़ दिया। और शुक्रवार को शिमला में कमरे की ऑक्यूपेंसी सिर्फ 40 प्रतिशत से ज्यादा थी। उन्होंने शनिवार को पीटीआई को बताया।
शिमला का विहंगम दृश्य।
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शिमला में एक मिनट की यातायात योजना लागू है। जिसका मतलब है कि शिमला के एंट्री पॉइन्ट्स पर 20-30 मिनट की वेटिंग और शहर में आसान यातायात आवाजाही से है। उन्होंने कहा कि नई योजना बेहतर है क्योंकि इससे शहर में असुविधा से मुक्ति मिलेगी और शिमला में पुराने समय की तरह लंबा जाम नहीं लगेगा।
सेठ और ठाकुर ने शुक्रवार की शांति के लिए प्रतिकूल प्रचार को जिम्मेदार ठहराया। लेकिन वीकेंड में पड़ने वाले नए साल पर 100 फीसदी ऑक्यूपेंसी की उम्मीद जताई। जबकि मौसम विभाग ने राज्य की ऊंची और मध्य पहाड़ियों में बर्फबारी और बारिश की भविष्यवाणी की है।
स्थानीय मौसम कार्यालय ने 30 दिसंबर (शनिवार) को ऊंची और मध्य पहाड़ियों में अलग-अलग स्थानों पर बर्फबारी और बारिश की भविष्यवाणी की थी। क्योंकि ताजा पश्चिमी विक्षोभ हिमालय क्षेत्र के ऊपर है।
हिमाचल प्रदेश के मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह सुक्खू ने 'अतिथि देवो भव' के नारे का पालन करने, पर्यटकों की सुविधा के लिए सभी जिलों में सुचारू यातायात प्रवाह के लिए पर्याप्त व्यवस्था और उचित यातायात योजना बनाने के निर्देश दिए हैं।
खाने-पीने की दुकानों और पान की दुकानों को चौबीसों घंटे खोलने की अनुमति देने के अलावा, उन्होंने कहा था कि नशे में धुत पर्यटकों को जेल नहीं ले जाया जाएगा। बल्कि पुलिस उन्हें उनके होटल तक पहुंचाएगी ताकि यह सुनिश्चित किया जा सके कि उनका नए साल का अनुभव खराब न हो।