वास्तुशास्त्र में दिशाओं का महत्व
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अगर हम अपने जीवन में वास्तुशास्त्र के नियमों का पालन करते हुए अगर कोई कार्य करें तो आचार्यों का यह मत है कि जीवन में सफलता जरूर प्राप्त होती है। अगर किसी जगह पर कोई वास्तु दोष होता है तो वहां रहने वाले लोग तमाम शुभ कोशिशों के बावजूद ना तो कोई सफलता प्राप्त कर पाते हैं ना ही उन्हें धन की वृद्धि देखने को प्राप्त होती है।
ऐसे कई लोग आपको मिल जाएंगे जिनके व्यापार में न सिर्फ लगातार हानि हो रही है बल्कि उनका निवेश भी बढ़ता जा रहा है। कई लोगों के जीवन में आर्थिक समस्याएं उनकी रोजमर्रा की जिंदगी का हिस्सा बन गई है। तमाम उपाय करने के बावजूद उन्हें यह समझ में नहीं आता कि उनके साथ ऐसा क्या हो रहा है। इसकी एक बहुत बड़ी वजह आपकी दुकान या आपकी ऑफिस में वास्तुदोष भी हो सकता है।
वास्तु शास्त्र के अनुसार दुकान का प्रवेश द्वार पूर्व या ईशान कोण में होना चाहिए अगर आप ऐसा करते हैं तो यह आपकी दुकान में अधिक ग्राहकों को लाने में समर्थ होता है। आपको यह भी देखना पड़ेगा कि आपकी दुकान का कैश काउंटर कहां रखा हुआ है। कैश काउंटर को इस तरीके से रखा जाना चाहिए कि वह पूर्व और उत्तर दिशा की ओर खुलता हो।
कैश बॉक्स के अंदर हमेशा आपको कुछ न कुछ पैसे रखने चाहिए। कभी भी उसे पूरी तरीके से खाली नहीं रखना चाहिए और आपका जो कैश काउंटर है उसमें लक्ष्मी और गणेश की मूर्तियां हमेशा आपको रखनी चाहिए।
इसके अलावा आपकी दुकान या ऑफिस के ईशान कोण यानी कि उत्तर-पूर्व दिशा पर आपको बारीकी से नजर डालनी है और वहां देखना है कि कहीं वहां पर किसी भी प्रकार की कोई गंदगी तो नहीं है?
कहीं ऐसा तो नहीं है कि आपने अपने दुकान का कोई भारी सामान उस दिशा में रखा हुआ हो? अगर आपने गलती से अपनी दुकान के उत्तर पूर्व दिशा के हिस्से में अगर कोई भारी चीज रख दी है तो उसे आप दक्षिण पश्चिम में रख दीजिए।
वास्तु के नियम में इसके अलावा ऑफिस में बैठते समय अपना मुख हमेशा उत्तर पूर्व दिशा की ओर रखें। इससे आपको फायदा होगा।
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