फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

Vastu Tips: जानिए आपके घर का मुख्य द्वार कैसा होना चाहिए और कैसा नहीं, क्या कहते हैं वास्तु के नियम

Wed, 29 May 2024 02:11 PM IST
विनोद शुक्ला ज्योतिष डेस्क, अमर उजाला

सार

वास्तु के अनुसार अगर घर का मुख्य दरवाजा सही दिशा में होता है, तो घर में सौभाग्य और सुख का प्रवेश होता है।
विज्ञापन
Vastu Tips For Home: वास्तु नियमों के अनुसार आपके घर का मुख्य द्वार उत्तर, उत्तर-पूर्व, पूर्व या पश्चिम में होना चाहिए - फोटो : amar ujala
विज्ञापन

विस्तार
वॉट्सऐप चैनल फॉलो करें

सुख-समृद्धि और उन्नति के लिए भवन निर्माण के समय वास्तु नियमों को ध्यान में रखना आवश्यक माना जाता है, उसी तरह घर का मुख्य द्वार बनाते समय भी वास्तु के नियमों का पालन करना चाहिए। वास्तु शास्त्र के अनुसार घर का मुख्य द्वार सकारात्मक और नकारात्मक ऊर्जा के आगमन मुख्य स्थान होता है। यदि मुख्य द्वार सही है तो घर में सकारात्मक ऊर्जा का संचार बना रहता है। वास्तु के अनुसार अगर घर का मुख्य दरवाजा सही दिशा में होता है, तो घर में सौभाग्य और सुख का प्रवेश होता है।

विज्ञापन


मुख्य द्वार के लिए वास्तु नियम

  • यदि आपका घर पूर्वमुखी है तो घर का प्रवेश द्वार उत्तर-पूर्व दिशा की ओर होना चाहिए। ताकि मुख्य द्वार से सुबह की धूप सीधे आपके घर में प्रवेश करे। वास्तु शास्त्र में यह बहुत महत्वपूर्ण होता है। इसलिए घर का उत्तर-पूर्वी कोना आपके प्रवेश द्वार के लिए एक उत्तम स्थान है, जो सीधा आपके घर में सूर्य की किरणों के साथ-साथ सकारात्मक ऊर्जा को भी अंदर आने देता है।
  • वास्तु नियमों के अनुसार आपके घर का मुख्य द्वार उत्तर, उत्तर-पूर्व, पूर्व या पश्चिम में होना चाहिए, क्योंकि इन दिशाओं को वास्तु शास्त्र में द्वार बनाने के लिए  बेहद शुभ माना जाता है। वहीं दूसरी तरफ, घर के मुख्य द्वार को दक्षिण, दक्षिण-पश्चिम, उत्तर-पश्चिम या दक्षिण-पूर्व  दिशाओं में बनाने से बचना चाहिए, क्योंकि वास्तु में इन दिशाओं को शुभ नहीं माना जाता हैं।
  • आपके घर का मुख्य द्वार घर के बाकी दरवाजों में सबसे बड़ा होना शुभ माना जाता है।ऐसी मान्यता है कि ऐसा द्वार घर के सदस्यों को तरक्की देने मदद करता है और घर के लोगों को भी स्वस्थ रखता है।
  • घर के मुख्य द्वार की सीध में एक ही पंक्ति में तीन दरवाजें नहीं होने चाहिए। क्योंकि यह स्थिति वास्तु दोष उत्पन्न कर सकती है, जिससे घर में अशांति का माहौल बन सकता है।
  • मुख्यद्वार कभी भी बहुत भारी नहीं बनाने चाहिए,ऐसा होने से सकारात्मक ऊर्जाएं अवरुद्ध होती हैं।
  • वास्तु अनुसार मुख्य द्वार पर कभी भी काले रंग का प्रयोग नहीं करना चाहिए, क्योंकि गहरे रंग उदासी, अहंकार, नकारात्मक भावनाओं को जन्म देते हैं।
  • वास्तु के अनुसार घर का मुख्य दरवाजा लकड़ी का बना होना चाहिए और इसमें एक इकाई की बजाय दोहरी इकाई या दो भाग पल्ले होने चाहिए। साथ ही मुख्य द्वार का उपयोग करते समय किसी भी तरह की कर्कश आवाज नहीं आनी चाहिए।
  • वास्तु शास्त्र के अनुसार घर के मुख्य दरवाजे की दहलीज संगमरमर या लकड़ी की बनी होनी चाहिए क्योंकि यह नकारात्मक ऊर्जा को अवशोषित कर के सकारात्मक ऊर्जा को घर में आने देती है।
  • घर का मुख्य द्वार हमेशा साफ सुथरा रहना चाहिए, क्योंकि यह सकारात्मक ऊर्जा के आगमन का केंद्र होता है।इसी के साथ आपको मुख्य दरवाजे के पास कूड़ेदान, टूटी कुर्सी, टेबल या जूते-चप्पल आदि चीजों को रखने से बचना चाहिए।

June Monthly Horoscope: सभी 12 राशियों के लिए जून का महीना कैसा रहेगा, पढ़ें मासिक राशिफल

विज्ञापन
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें