फेस्टिव सीजन की शुरूआत हो चुकी है। लोग इस त्योहारी मौसम में कई चीजों की खरीदारी करते हैं। शास्त्रों में नवरात्रि, दशहरा और दिवाली जैसे त्योहारों पर नई चीजों की खरीदारी को शुभ माना जाता है। लोग इस मौके पर नया घर, नई कार, मोटरसाईकिल और फर्नीचरआदि की खरीदारी करते हैं। ऐसे में अगर आप इस फेस्टिव सीजन घर के लिए फर्नीचर खरीदने की सोच रहे हैं तो उसके पहले फर्नीचर से जुड़ें वास्तु शास्त्र के कुछ नियमों का ध्यान जरूर रखना चाहिए।
- वास्तु शास्त्र में घर और कार्यालय के लिए फर्नीचर खरीदने के शुभ- अशुभ दिन बताए गए हैं। कभी भी भूलकर शनिवार, मंगलवार और अमावस्या के दिन फर्नीचर की खरीददारी नहीं करनी चाहिए।
- वास्तु के अनुसार फर्नीचर हमेशा पवित्र पेड़ों की लकड़ी से ही बना होना चाहिए। शीशम, सागवान, साल और चंदन की लकड़ी से बना फर्नीचर शुभ होता है।
- फर्नीचर बनवाते या खरीदते समय हमेशा इस बात का ध्यान रखना चाहिए कि फर्नीचर का किनारे का हिस्सा ज्यादा नुकीला न हो। इस तरह के फर्नीचर से घर पर नकारात्मक ऊर्जा का वास होता है।
- फर्नीचर पर हल्के रंगों का इस्तेमाल करना चाहिए। ज्यादा भड़कीले और गहरे रंग को वास्तु शास्त्र में शुभ नहीं माना जाता।
- फर्नीचर पर शुभ प्रतीक या निशान को जरूर बनवाना चाहिए जैसे गाय, मोर, कछुआ आदि।