वास्तु शास्त्र की दृष्टि में भोजन करने का उत्तम स्थान घर के पश्चिम में है। अतः घर की पश्चिम दिशा में बना डाइनिंग हॉल शुभ प्रभाव देने वाला होता है। इस जोन में भोजन करने से भोजन सम्बन्धी सभी आवश्यकताएं पूर्ण होती हैं एवं पोषण की प्राप्ति होती है,जिससे स्वास्थ्य अच्छा रहता है। लेकिन किसी वजह से यहाँ भोजन करना संभव नहीं हो तो,उत्तर-पूर्व या पूर्व दिशा दूसरा विकल्प है। लेकिन घर की दक्षिण-पश्चिम दिशा में डाइनिंग रूम नहीं होना चाहिए क्योंकि यहाँ भोजन करने से शरीर को किसी भी प्रकार की मज़बूती और पोषण नहीं मिलता,रिश्तों में कड़वाहट पैदा हो सकती है। भोजन कक्ष के सामने घर का मुख्य द्वार या शौचालय होना आपसी कलह व मानसिक कष्ट का कारण बन सकता है। डाइनिंग रूम में हाथ धोने के लिए वॉश बेसिन पूर्व में, उत्तर पूर्व में रखना चाहिए। वॉशबेसिन दक्षिण-पूर्व, दक्षिण-पश्चिम में नहीं होना चाहिए, यह उत्तर अथवा पश्चिम में भी हो सकता है।
यदि किचन में ही खाने की व्यवस्था करनी है तो इसका प्रबंध इस प्रकार से हो कि किचन के पश्चिमी हिस्से में डाइनिंग टेबल और कुर्सियां रखी जा सकें। आपकी किचन घर के उत्तर-पश्चिम कोण(वायव्य) में स्थित है तो डाइनिंग टेबल को पश्चिमी दीवार की तरफ रखना चाहिए। लेकिन घर के दक्षिण-पूर्व कोण(आग्नेय) में स्थित किचन में डाइनिंग टेबल रखने के लिए पूर्व दिशा को उचित स्थान माना गया है।
शुभ फलों में वृद्धि के लिए आयताकार या चौकोर आकार की डाइनिंग टेबल का उपयोग करना अच्छा रहता है। और इसे इस तरह रखा जाना चाहिए कि भोजन करने वालों का मुख पूर्व या पश्चिम की ओर रहे। पूर्व की ओर मुख करके भोजन करने से दीर्घायु होने की संभावना बढ़ जाती है जबकि पश्चिम की ओर चेहरा होने का अर्थ है संपन्नता और समृद्धि का अर्जन। दक्षिण की ओर मुख करना हानिकारक नहीं है परंतु उत्तर की ओर मुख करके भोजन करना सेहत की दृष्टि से वास्तु सम्मत नहीं माना गया है।
डाइनिंग रूम में सकारात्मक ऊर्जा के स्तर में वृद्धि के लिए दीवारों का रंग हल्का, शांत व सौम्य होना चाहिए,इसके लिए हल्के नीले,हरे,पीले अथवा पीच रंगों का प्रयोग किया जा सकता है। तामसिक रंग जैसे काला,गहरा नीला अथवा भूरे रंगों के चयन से बचें। हल्के और कोमल प्रकाश के साथ डाइनिंग रूम की सजावट इस प्रकार से होनी चाहिए जो शांतिपूर्ण भोजन करने में सहायक हो। भारी सामान एवं अत्याधिक सजावट करना डाइनिंग हॉल के वातावरण को बोझिल बना देगा,ऐसा न करें।इस कक्ष की दीवारों पर युद्ध,शिकार,रक्तरंजित दृश्य,सूखी हुई ज़मीन व उदासी दर्शाने वाले चित्र नहीं होने चाहिए। फल प्रचुरता का प्रतिनिधित्व करते हैं अतः उनकी डाइनिंग रूम में मौजूदगी सुखद और शुभ मानी गई है। डाइनिंग टेबल पर फलों से भरी हुई टोकरी रखना समृद्धि को आमंत्रित करना है। अगर यह संभव नहीं हो तो दीवार पर फलों अथवा लहलाती हुई फसल की आकर्षक तस्वीर लगा सकते हैं।टेबिल पर ताज़े फूलों का गुलदस्ता या बांस के छोटे पौधों का बंच रखा जाना भी समृद्धि का प्रतीक माना गया है।