सही दिशा का करें चयन
ड्राइंग रूम भवन के वायव्य कोण, उत्तर दिशा, पूर्व एवं ईशान कोण के मध्य बनाना चाहिए। ड्राइंग रूम में पानी का ढलान सदैव उत्तर-पूर्व दिशा की ओर ही रखना चाहिए। यदि ऐसा करना संभव न हो तो आप जिस कमरे को ड्राइंग रूम बना रहे हैं तो उसकी आंतरिक सज्जा को वास्तु के अनुरूप कर लें।
सावधानी से करें सजावट
ड्राइंग रूम की दीवारों का रंग हल्का, शांत व सौम्य होना चाहिए। इसके लिए दिशा के अनुसार हल्के नीले, हरे, पीले और पीच रंगों का प्रयोग कर सकते हैं। तामसिक रंग जैसे काला,गहरा नीला या भूरे रंगों के चयन से बचें। भारी सामान एवं अत्याधिक सजावट करना वातावरण को बोझिल बनाता है। दीवारों पर युद्ध, शिकार, रक्तरंजित दृश्य, सूखी हुई ज़मीन व उदासी दर्शाने वाले चित्र लगाने से बचें। शोकेस को दक्षिण या पश्चिम दिशा की दीवार पर बनाएं। शुभ रहेगा।
ठीक दिशा में लगाएं फर्नीचर
ड्राइंग रूम में दक्षिण दिशा की तरफ भारी फर्नीचर रखना चाहिए, उसके बाद पश्चिम दिशा में भी भारी फर्नीचर रखा जा सकता है लेकिन उत्तरी एवं पूर्वी दीवार की ओर भारी फर्नीचर बिलकुल भी नहीं रखना चाहिए,यहां पर हल्का सामान रखा जा सकता है। ड्राइंग रूम में फर्नीचर रखते समय इस बात का ध्यान जरूर रखे कि फर्नीचर लकड़ी का ही हो एवं घर के मालिक का बैठते समय मुख पूर्व या उत्तर की तरफ ही हो।
समृद्धि के लिए हरियाली
कक्ष के पूर्व या उत्तर में मनीप्लांट, बांस का पेड़ या कोई छोटा इंडोर प्लांट जैसे पौधे रखना सुंदरता के साथ-साथ समृद्धिकारक भी माने गए हैं। ध्यान रहे सूखे, कांटेदार और बोंसाई पौधे निराशा के सूचक हैं, इन्हें न लगाएं। उत्तर दिशा की तरफ़ हरे-भरे जंगल या लहलाती फसलों का चित्र लगाने से एक साथ कई लाभ प्राप्त होते हैं।
एक्वेरियम को सही स्थान
फिश एक्वेरियम न सिर्फ़ ख़ुशी देता है बल्कि इससे घर के सदस्यों के ऊपर आने वाली सारी विपत्तियां टल जाती हैं। घर में सकारात्मक ऊर्जा एवं धन आगमन की निरंतरता बनी रहती है। एक्वेरियम को ड्राइंग रूम के पूर्व, उत्तर या उत्तर-पूर्व दिशा में रखना शुभ माना गया है।