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Vastu Tips: कैसा होना चाहिए फ्लैट का वास्तु ? जानिए वास्तु के सरल और कारगर उपाय

Mon, 01 Jun 2026 02:17 PM IST
Vinod Shukla अनीता जैन ,वास्तुविद

सार

Vastu Tips: वास्तु शास्त्र के अनुसार जिन घरों का वास्तु अच्छा होता है वहां पर हमेशा सुख-समृद्धि और संपन्नता आती है। वास्तु शास्त्र में फ्लैट का वास्तु भी बहुत ही खास और अहम होता है। 
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कैसा होना चाहिए फ्लैट का वास्तु शास्त्र - फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
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Vastu Tips: आज के समय में अधिकांश लोग अपार्टमेंट और बहुमंजिला इमारतों में रहना पसंद करते हैं। बढ़ते शहरीकरण और सीमित स्थान के कारण घर बनवाने की बजाय फ्लैट खरीदने का चलन तेजी से बढ़ा है। हालांकि अपार्टमेंट में रहते समय वास्तु के सभी नियमों का पालन कर पाना हमेशा संभव नहीं होता, फिर भी वास्तुशास्त्र में कुछ ऐसे सरल उपाय बताए गए हैं जिनके माध्यम से संभावित वास्तु दोषों के प्रभाव को कम किया जा सकता है। वास्तु के अनुसार घर में सकारात्मक ऊर्जा का प्रवाह सुख, शांति और समृद्धि का आधार माना जाता है।

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मुख्य द्वार से जुड़ी समस्याएं और उपाय
वास्तुशास्त्र में मुख्य द्वार को घर की ऊर्जा का प्रवेश द्वार माना गया है। कई अपार्टमेंट में मुख्य द्वार की दिशा अनुकूल नहीं होती या उसके सामने लिफ्ट, सीढ़ियां अथवा लंबा गलियारा होता है। ऐसी स्थिति में मुख्य द्वार को स्वच्छ और व्यवस्थित रखना चाहिए। द्वार पर शुभ चिन्ह, स्वस्तिक या मंगलकारी प्रतीकों का प्रयोग किया जा सकता है। मान्यता है कि इससे सकारात्मक ऊर्जा का संचार बढ़ता है और नकारात्मक प्रभाव कम होते हैं।

ब्रह्मस्थान का महत्व
वास्तु के अनुसार घर का मध्य भाग ब्रह्मस्थान कहलाता है। यह स्थान ऊर्जा का केंद्र माना जाता है। आधुनिक फ्लैटों में अक्सर इस स्थान पर भारी फर्नीचर, स्टोर सामग्री या अन्य वस्तुएं रख दी जाती हैं, जिससे ऊर्जा का प्रवाह बाधित हो सकता है। इसलिए घर के मध्य भाग को यथासंभव खुला, साफ और हल्का रखने का प्रयास करना चाहिए। इससे घर में सकारात्मक वातावरण बना रहता है।
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रसोई और शयनकक्ष से जुड़े वास्तु उपाय
वास्तु मान्यताओं के अनुसार रसोईघर अग्नि तत्व का प्रतिनिधित्व करता है। आदर्श रूप से रसोई दक्षिण-पूर्व दिशा में मानी जाती है, लेकिन अपार्टमेंट में ऐसा संभव नहीं होता। ऐसी स्थिति में खाना बनाते समय पूर्व दिशा की ओर मुख रखने का प्रयास किया जा सकता है। रसोई को स्वच्छ और व्यवस्थित रखना भी आवश्यक माना गया है। इसी प्रकार शयनकक्ष में सोते समय सिर दक्षिण या पूर्व दिशा की ओर रखने की सलाह दी जाती है। वास्तु के अनुसार इससे मानसिक शांति और बेहतर विश्राम प्राप्त होता है। बिस्तर के सामने या ठीक ऊपर दर्पण लगाने से भी बचने की सलाह दी जाती है।

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प्रकाश, वायु और हरियाली का महत्व
वास्तुशास्त्र प्राकृतिक प्रकाश और शुद्ध वायु को अत्यंत महत्वपूर्ण मानता है। अपार्टमेंट में पर्याप्त धूप और ताजी हवा का प्रवेश सकारात्मक ऊर्जा बढ़ाने वाला माना जाता है। घर की खिड़कियां नियमित रूप से खोलनी चाहिए। इसके साथ ही तुलसी, मनी प्लांट या अन्य शुभ माने जाने वाले पौधे लगाने से वातावरण में ताजगी और सकारात्मकता बनी रहती है।
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अव्यवस्था को करें दूर
वास्तुशास्त्र में अनावश्यक वस्तुओं और कबाड़ को नकारात्मक ऊर्जा का कारण माना गया है। आधुनिक जीवनशैली में लोग अक्सर ऐसी वस्तुएं घर में जमा कर लेते हैं जिनका उपयोग नहीं होता। समय-समय पर घर की सफाई करके अनुपयोगी वस्तुओं को हटाना चाहिए। मान्यता है कि इससे घर में नई और सकारात्मक ऊर्जा का प्रवाह बना रहता है।

डिस्क्लेमर (अस्वीकरण): यहां दी गई जानकारी सामान्य मान्यताओं, ज्योतिष, पंचांग, धार्मिक ग्रंथों आदि पर आधारित है। यहां दी गई सूचना और तथ्यों की सटीकता, संपूर्णता के लिए अमर उजाला उत्तरदायी नहीं है।

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