कहां लगाएं कैलेंडर
वास्तु के अनुसार कैलेंडर को घर में उत्तर ,पश्चिम या पूर्वी दीवार पर लगाना सही रहता है। कैलेंडर के पृष्ठों में हिंसक जानवरों, दुःखी चेहरों की तस्वीरें घर में नेगेटिव एनर्जी लाती हैं, इसलिए ऐसे किसी कैलेंडर को भी घर में नहीं लगाना चाहिए।
पूर्व दिशा में कैलेंडर लाएंगे अच्छे अवसर
पूर्व दिशा के स्वामी सूर्य हैं जो कि नेतृत्व गुण को विकसित करते हैं। साथ ही सूर्योदय की दिशा भी पूर्व है। इस दिशा में कैलेंडर रखना बहुत शुभ माना गया है। पूर्व दिशा संतान के जीवन में प्रगति के द्वार खोलता है। यदि कैलेंडर पर तस्वीरें बनी हो तो इस दिशा में उगते हुए सूरज की तस्वीर वाला कैलेंडर लगाना चाहिए। साथ ही अपने आराध्य देव, बच्चों या प्रेरणादायी तस्वीरों वाला कैलेंडर इस दिशा में लगा सकते है। लाल और गुलाबी रंग का कैलेंडर पूर्व दिशा के लिए बेहतरीन चुनाव होगा।
उत्तर दिशा में कैलेंडर बढ़ाएगा सुख-समृद्धि
उत्तर दिशा कुबेर की दिशा मानी जाती है है। इस दिशा में हरियाली ,फव्वारा, विवाह संबंधी तस्वीरें, युवा जीवन की तस्वीरों वाला कैलेंडर लगाना चाहिए। कैलेंडर पर ग्रीन व सफेद रंग का कैलेंडर उत्तर दिशा में लगाने से सुख-समृद्धि में वृद्धि होती है।
पश्चिम दिशा में कैलेंडर पूरे करेंगे सभी कार्य
पश्चिम दिशा बहाव की दिशा होती है। यदि आप इस दिशा में कैलेंडर लगाते हैं तो आपके कार्यों में तेजी आती है। व्यक्ति की कार्यक्षमता में इजाफा होता है।
इस दिशा में न लगाएं कैलेंडर
वास्तुशास्त्र के मुताबिक मुख्य दरवाजे पर या दरवाजे के सामने कैलेंडर नहीं दिखना चाहिए। यदि घर दक्षिणमुखी हो तब तो इस बात का विशेष ख्याल रखें कि मुख्य दरवाजे पर कैलेंडर नहीं लगाया गया हो।