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Vastu Niyam:अच्छी सेहत और सुख-सुविधा के लिए अपनाएं वास्तु शास्त्र के आठ नियम

Sun, 02 Mar 2025 11:54 AM IST
विनोद शुक्ला ज्योतिष डेस्क, अमर उजाला

सार

अगर घर में वास्तु दोष होते हैं, तो इससे नकारात्मक ऊर्जा का संचार बढ़ता है, जिससे बीमारियां, मानसिक तनाव और अन्य स्वास्थ्य संबंधी परेशानियां हो सकती हैं।
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वास्तु दोष निवारण के लिए घर में वास्तु यंत्र स्थापित करना अत्यंत प्रभावी है। - फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
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वास्तु शास्त्र न केवल घर की सुख-समृद्धि को प्रभावित करता है, बल्कि यह परिवार के सदस्यों के स्वास्थ्य पर भी प्रभाव डालता है। यदि घर में वास्तु दोष होते हैं, तो इससे नकारात्मक ऊर्जा का संचार बढ़ता है, जिससे बीमारियां, मानसिक तनाव और अन्य स्वास्थ्य संबंधी परेशानियां हो सकती हैं। इसलिए वास्तु नियमों का पालन करके परिवार की सेहत को बेहतर बनाया जा सकता है।
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1. घर में उत्तर-पूर्व दिशा को साफ और हल्का रखें
वास्तु के अनुसार उत्तर-पूर्व दिशा को स्वच्छ और हल्का रखना बहुत आवश्यक है। इस दिशा में कोई भारी सामान या गंदगी नहीं होनी चाहिए। इस स्थान पर जल स्रोत (जैसे कि पानी का कलश, एक्वेरियम या जलकुंभ) रखना शुभ होता है। इससे सकारात्मक ऊर्जा का प्रवाह बना रहता है और मानसिक शांति मिलती है।

2. रसोई घर (किचन) का सही स्थान चुनें
स्वस्थ जीवन के लिए भोजन की शुद्धता और ऊर्जा महत्वपूर्ण होती है। वास्तु के अनुसार, रसोई घर आग्नेय कोण (दक्षिण-पूर्व दिशा) में होना चाहिए। गैस चूल्हे का मुंह पूर्व दिशा की ओर होना चाहिए, ताकि खाना बनाते समय सकारात्मक ऊर्जा का प्रवाह बना रहे।
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3. बेडरूम में वास्तु के अनुसार सोने की दिशा सही रखें
स्वस्थ जीवन के लिए अच्छी नींद जरूरी है। वास्तु के अनुसार, सिर को दक्षिण या पूर्व दिशा की ओर रखकर सोना चाहिए। उत्तर दिशा की ओर सिर रखकर सोने से नकारात्मक ऊर्जा बढ़ती है, जिससे स्वास्थ्य समस्याएं हो सकती हैं।

4. मुख्य द्वार पर सकारात्मक ऊर्जा का संचार बनाए रखें
घर का मुख्य द्वार सकारात्मक ऊर्जा का प्रवेश द्वार होता है। इसे साफ-सुथरा और व्यवस्थित रखना चाहिए। दरवाजे के पास तुलसी का पौधा, स्वस्तिक या शुभ संकेत जैसे "ॐ" या "श्री" लगाना शुभ होता है। इससे घर में सकारात्मक ऊर्जा बनी रहती है और बीमारियां दूर रहती हैं।

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5. बाथरूम और शौचालय का सही स्थान रखें
वास्तुशास्त्र के हिसाब से दक्षिण-दक्षिण -पश्चिम दिशा को विसर्जन के लिए उत्तम माना गया है।अतः इस दिशा में टॉयलेट का निर्माण करना वास्तु की दृष्टि में उचित है। उत्तर-पश्चिम दिशा में भी बनाया जा सकता है। यदि यह गलत दिशा में बना हो, तो वहां वास्तु दोष दूर करने के लिए नमक और कपूर का उपयोग करें। गलत दिशा में शौचालय होने से नकारात्मक ऊर्जा उत्पन्न होती है, जिससे स्वास्थ्य समस्याएं हो सकती हैं।

6. घर में तुलसी और अन्य औषधीय पौधे लगाएं
वास्तु में तुलसी, मनी प्लांट, एलोवेरा और स्नेक प्लांट को घर में लगाने की सलाह दी जाती है। ये पौधे न केवल घर की हवा को शुद्ध रखते हैं, बल्कि सकारात्मक ऊर्जा भी बढ़ाते हैं। तुलसी का पौधा उत्तर-पूर्व दिशा में रखना सबसे शुभ माना जाता है।

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7. घर के दक्षिण-पश्चिम कोने में भारी वस्तुएं रखें
वास्तु के अनुसार, घर का दक्षिण-पश्चिम कोना स्थिरता और शक्ति का प्रतीक होता है। इस स्थान को मजबूत और स्थिर बनाना जरूरी है। यहां भारी फर्नीचर या अलमारी रखने से परिवार के सदस्यों का स्वास्थ्य स्थिर बना रहता है।

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8. घर में टूटी-फूटी और बेकार वस्तुएं न रखें
घर में अनुपयोगी, टूटी-फूटी या खराब वस्तुएं रखने से नकारात्मक ऊर्जा उत्पन्न होती है, जो स्वास्थ्य पर प्रतिकूल प्रभाव डाल सकती है। समय-समय पर घर की साफ-सफाई करें और खराब वस्तुओं को हटा दें।
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