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Temple Near House: घर के पास मंदिर होना कितना सही ? जानें क्या कहता है वास्तु शास्त्र

Thu, 27 Feb 2025 01:29 PM IST
दीक्षा पाठक ज्योतिष डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली

सार

Temple Vastu Tips: वास्तु शास्त्र के अनुसार, घर के पास मंदिर का होना शुभ और अशुभ, दोनों ही हो सकता है। यह पूरी तरह से मंदिर की दिशा, स्थिति और ऊंचाई पर निर्भर करता है। आइए विस्तार से जानते हैं कि मंदिर का घर के पास होना कब लाभदायक होता है और कब समस्याएं पैदा कर सकता है।
 
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: क्या मंदिर आपके घर के लिए खुशहाली लाता है या समस्याएं? - फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
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भारतीय संस्कृति में मंदिरों का महत्वपूर्ण स्थान है। ये न केवल आध्यात्मिक ऊर्जा के स्रोत होते हैं बल्कि मन को शांति और सकारात्मकता भी प्रदान करते हैं। अक्सर लोग अपने घरों के पास मंदिर बनवाते हैं ताकि आध्यात्मिक लाभ मिले और वातावरण पवित्र बना रहे। लेकिन क्या वास्तव में घर के पास मंदिर का होना शुभ होता है ? वास्तु शास्त्र के अनुसार, घर के पास मंदिर का होना शुभ और अशुभ, दोनों ही हो सकता है। यह पूरी तरह से मंदिर की दिशा, स्थिति और ऊंचाई पर निर्भर करता है। आइए विस्तार से जानते हैं कि मंदिर का घर के पास होना कब लाभदायक होता है और कब समस्याएं पैदा कर सकता है।

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घर के पास मंदिर होने के शुभ संकेत
  • पूर्व या उत्तर दिशा में स्थित हो – यदि मंदिर घर के सामने या पास में पूर्व या उत्तर दिशा में स्थित है, तो इसे शुभ माना जाता है। यह सकारात्मक ऊर्जा को बढ़ाता है और परिवार के सदस्यों को मानसिक शांति प्रदान करता है।
  • छोटा और साधारण मंदिर हो – यदि मंदिर का आकार बहुत बड़ा न हो और वह केवल सामान्य धार्मिक गतिविधियों के लिए हो, तो यह शुभ प्रभाव डालता है।
  • मंदिर और घर के बीच उचित दूरी हो – यदि घर और मंदिर के बीच पर्याप्त स्थान हो, तो यह वास्तु के अनुसार लाभकारी होता है। इससे घर पर मंदिर का सीधा प्रभाव नहीं पड़ता और सकारात्मक ऊर्जा बनी रहती है।

घर के पास मंदिर होने के अशुभ संकेत
  • मंदिर का शिखर घर से ऊंचा और बहुत नजदीक हो – यदि मंदिर का शिखर घर से ऊंचा और अत्यधिक समीप है, तो इसे वास्तु दोष माना जाता है। यह घर के सदस्यों के जीवन में बाधाएं ला सकता है।
  • मुख्य द्वार के ठीक सामने हो – यदि मंदिर का प्रवेश द्वार घर के मुख्य द्वार के ठीक सामने हो, तो इसे अशुभ माना जाता है। इससे घर में नकारात्मक ऊर्जा प्रवेश कर सकती है।
  • शाम-सुबह की घंटियों की आवाज से परेशानी हो – यदि मंदिर से लगातार आने वाली घंटियों की ध्वनि परिवार के सदस्यों को परेशान करती है, तो यह मानसिक अशांति और स्वास्थ्य समस्याएं पैदा कर सकती है।
  • मंदिर नीची जगह या गड्ढे में हो – यदि मंदिर घर से नीची जगह या गड्ढे में स्थित है, तो यह आर्थिक समस्याओं और नकारात्मक ऊर्जा को बढ़ावा दे सकता है।
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वास्तु दोष से बचने के उपाय
यदि मंदिर बहुत नजदीक है, तो घर की दीवारों पर सकारात्मक ऊर्जा बढ़ाने वाले रंगों का उपयोग करें और वास्तु यंत्र (जैसे पंचमुखी हनुमान जी की तस्वीर) लगाएं। मंदिर और घर के बीच उचित दूरी बनाए रखने का प्रयास करें। यदि घर का मुख्य द्वार मंदिर के प्रवेश द्वार के सामने हो, तो बीच में पर्दा या कोई अवरोधक लगाएं। यदि मंदिर बहुत ऊंचा है, तो घर की छत पर तुलसी का पौधा लगाना लाभकारी हो सकता है। घर के पास मंदिर का होना शुभ या अशुभ पूरी तरह से उसकी स्थिति और वास्तु नियमों पर निर्भर करता है। सही उपाय अपनाकर किसी भी नकारात्मक प्रभाव को कम किया जा सकता है और सकारात्मक ऊर्जा को बढ़ाया जा सकता है।




डिस्क्लेमर (अस्वीकरण): यहां दी गई जानकारी सामान्य मान्यताओं, ज्योतिष, पंचांग, धार्मिक ग्रंथों आदि पर आधारित है। यहां दी गई सूचना और तथ्यों की सटीकता, संपूर्णता के लिए अमर उजाला उत्तरदायी नहीं है।
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