बाथरूम घर का एक अहम हिस्सा होता
है। हर दिन की शुरूआत आमतौर पर यहीं से होती है क्योंकि सुबह उठते ही सबसे पहले
फ्रेश होने के लिए हम बाथरूम पहुंचते हैं। इसलिए जरूरी है कि बाथरूम सुन्दर दिखने
के साथ ही साथ सकारात्मक उर्जा प्रदान करने वाला हो ताकि पूरा दिन अच्छा बीते। यही
कारण है कि बहुत से लोग बाथरूम में टाईल्स लगवाते हैं और कई एक्सेसरीज से सजा कर
रखते हैं। फेस वॉश करने के बाद अथवा स्नान करने के बाद खुद को देखने के लिए लोग
बाथरूम में दर्पण भी लगाते हैं।
चीनी वास्तुविज्ञान के अनुसार बाथरूम में
दर्पण लगाते समय इस बात का ध्यान रखना चाहिए कि दर्पण दरवाजे के ठीक सामने नहीं हो।
दर्पण का काम होता है परावर्तन यानी रिफ्लैक्ट करना। जब हम बाथरूम में प्रवेश करते
हैं तो हमारे साथ सकारात्मक और नकारात्मक उर्जा दोनों ही बाथरूम में प्रवेश करते
हैं।
जब हम सोकर उठते हैं तब नकारात्मक उर्जा की मात्रा अधिक होती है।
दरवाजे के सामने दर्पण होने से हमारे साथ जो भी उर्जा बाथरूम में प्रवेश करती हैं
वह वापस घर में लौट आती है। दर्पण के नकारात्मक प्रभाव को दूर करने के लिए बाथरूम
में दर्पण इस प्रकार से लगाना चाहिए ताकि इसका रिफ्लैक्शन बाथरूम से बाहर की ओर
नहीं हो।
फेंगशुई में यह भी कहा गया है कि बेडरूम में दर्पण नहीं लगाना
चाहिए। बेडरूम में दर्पण का रिफ्लैक्शन बेड पर होने से स्वास्थ्य पर विपरीत प्रभाव
पड़ता है। पति अथवा पत्नी में से किसी एक की तबीयत अक्सर खराब रहती है। कुछ लोग
दर्पण को मुख्य द्वार के सामने लगाते हैं। फेंगशुई के अनुसार यह भी गलत है। इससे घर
में आने वाली सकारात्मक उर्जा भी वापस लौट जाती है जिससे प्रगति की रफ्तार धीमी पड़
जाती है।