रिद्धि-सिद्धि के दाता भगवान श्री गणेश से अधिक लोकप्रिय शायद ही कोई देवता होंगे, क्योंकि प्रत्येक कार्य का शुभारम्भ
''श्री गणेशाय नमः'' से होता है। गणेश ज्ञान और बुद्धि के देवता हैं, हर प्रसंग में जीवन को शुभ-लाभ की दिशा देते हैं। वे विघ्नहर्ता हैं, मार्ग की सारी अड़चनों को दूर करने वाले हैं। सभी देवताओं में प्रथम पूज्य, वे गणाधिपति ही हैं, जिन्हें किसी दूसरे का आदेश मानने की मजबूरी नहीं।
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ज्योतिष में भगवान श्री गणेश को केतु का देवता माना जाता है। गणेशजी का वास्तुदोष निवारण में बड़ा ही महत्व है। आइए जानते हैं कि घर, कार्यस्थल या फिर किसी विशेष प्रयोजन के लिए किस तरह के गणेश जी कहां स्थापित किए जाएं, ताकि वह वे प्रसन्न होकर हमारी सभी मनोकामना पूरी करें —