Super Flower Moon 2020 सात मई, बुद्ध पूर्णिमा के दिन साल 2020 का आखिरी सुपरमून दिखाई देगा। सुपरमून इससे पहले 7 अप्रैल को दिखाई दिया था। जो पिंक सुपर मून था। सूपर मून के समय चांद का आकार आम दिनों की तुलना में 14 प्रतिशत बड़ा और 30 प्रतिशत अधिक चमकदार हो जाता है।
क्या होता है सुपरमून super flower moon
7 मई को साल का आखिरी सुपरमून है। सुपरमून उसे कहते हैं जब चंद्रमा अपनी कक्षा में चक्कर काटते हुए पृथ्वी के सबसे करीब आ जाता है। चांद के पृथ्वी के नजदीक आने पर चंद्रमा का आकार और चमक काफी बढ़ जाती है। सुपरमून पर चांद और पृथ्वी की के बीच की दूरी 3,61,184 किलोमीटर की होती है जबकि आम दिनों में यह औसत दूरी 3,84,400 किलोमीटर की होती है।
फ्लावर मून का नाम क्यों super flower moon
साल के इस आखिरी सुपरमून का नाम फ्लावर मून रखा गया है। इसके पहले 7 अप्रैल को दिखाई देने वाले सुपरमून की नाम पिंक सुपरमून था। पिंक सुपरमून नाम के पीछे अमेरिका में बसंत के मौसम में खिलने वाले एक फूल के नाम पर रखा गया। इसी तरह मई के महीने में पड़ने वाले सुपरमून को फ्लॉवर मून कहते हैं। दरअसल इस नाम के पीछे अमेरिका के आदिवासियों द्वारा मई के महीने की पूर्णिमा के दिन उनके इलाके में बड़ी संख्या में फूल खिलने की वजह से रखा गया। फ्लावर मून के अलावा इसे मिल्क मून भी कहते हैं।
भारत में सुपरमून का नजारा
7 मई को आकाश में सूपरमून का नजारा शाम के 4 बजकर 15 मिनट पर दिखाई देगा जिसमें चांद बहुत ही खूबसूरत, चमकीली और बड़ा दिखाई देगा। भारत में इस समय पर दिन निकलने की वजह से चांद का यह नजारा नंगी आंखों से नहीं देखा जा सकेगा। हालांकि इसे लाइव टेलीकास्ट से देखा जा सकेगा।