सूर्य ग्रहण 2021 (प्रतीकात्मक तस्वीर)
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सूर्य ग्रहण का समय और दिखाई देने का स्थान
इस बार सूर्य ग्रहण भारत के हर हिस्से में नहीं देखा जा सकेगा। दोपहर 01 बजकर 42 मिनट पर सूर्य ग्रहण आरंभ हो जाएगा और शाम 06 बजकर 41 मिनट पर समाप्त होगा। ऐसे में इस ग्रहण की कुल अवधि लगभग पांच घंटे की होगी। यह ग्रहण दक्षिण अमेरिका, अंटार्कटिका, दक्षिण पश्चिम अफ्रीका, प्रशांत महासागर एवं आइसलैंड क्षेत्र आदि में देखा जा सकेगा।
इस बार सूर्य ग्रहण शनि जयंती को लगने वाला है। सूर्य देव शनिदेव की पिता है। इस समय शनि सूर्य के प्रभाव के कारण वक्री चाल में हैं इसलिए शनि जयंती के दिन सूर्य ग्रहण लगना जातकों को लिए कई आकस्मिक बदलावों के संकेत लेकर आ रहा है। शनिदेव की वक्री चाल के कारण ग्रहण का प्रभाव भी अत्यधिक बढ़ सकता है, इसलिए ग्रहणकाल में विशेष सावधानियां जरूर रखें।
सूर्य ग्रहण 2021 (प्रतीकात्मक तस्वीर)
मान्यता है कि जब ग्रहण काल होता है तब पाप और पुण्य का प्रभाव कई गुना ज्यादा बढ़ जाता है। शनिदेव न्यायकर्ता हैं ग्रहणकाल में किसी को हानि न पहुंचाएं और न ही किसी के लिए अपने मन में किसी प्रकार से द्वेष की भावना रखें।
- ग्रहण के समय लोहे के सामान, अस्त्र-शस्त्र या किसी भी प्रकार के औजार आदि को न छुएं,क्योंकि लोहा शनि की धातु मानी गई है।
- किसी भी भारी मशीनरी का काम न करें उसे कुछ समय के लिए टाल देना ही बेहतर होगा। ऐसे स्थान से दूर रहें जहां पर दलदली भूमि हो।
- भारतीय समय के अनुसार सूर्य ग्रहण रात्रि के समय लगेगा वैसे तो ग्रहण काल में सोना वर्जित होता है लेकिन रात्र में लगने के कारण शयन कर सकते हैं।
- ग्रहण काल में सूर्य और शनिदेव के मंत्रों का जाप करना शुभ रहेगा।