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Solar eclipse 2021: शनि जयंती के दिन है वर्ष का पहला सूर्य ग्रहण, बरतें ये सावधानियां

Tue, 01 Jun 2021 06:00 PM IST
Shashi Shashi ज्योतिष डेस्क, अमर उजाला

सार

  • शनि जयंती पर लग रहा है 2021 का पहला सूर्य ग्रहण
  • शनि जयंती पर ग्रहण लगना बहुत ही महत्वपूर्ण घटना
  • 10 जून 2021 को लगेगा दोपहर 01 बजकर 42 मिनट से लगेगा सूर्य ग्रहण
  • ग्रहण की अवधि कुल पांच घंटे रहेगी, बरते विशेष सावाधानी
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सूर्य ग्रहण 2021 (सांकेतिक तस्वीर) - फोटो : demo
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विस्तार
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हिंदू पंचांग के अनुसार प्रत्येक वर्ष ज्येष्ठ माह की अमावस्या तिथि को शनि जयंती मनाई जाती है। इस बार शनि जंयती 10 जून 2021 दिन गुरुवार को मनाई जाएगी। इस बार शनि जयंती पर ही इस वर्ष का पहला सूर्य ग्रहण भी लगने वाला है। सूर्य, पृथ्वी और चंद्रमा के एक सीध में आ जाने पर जब सूर्य चंद्रमा की छाया के पीछे छिप जाता है, तब सूर्य ग्रहण लगता है। यह ग्रहण भारत में पूर्ण रुप से दिखाई नहीं देगा और न ही इसका सूतक काल भारत में मान्य होगा। यह कंकणाकृति सूर्य ग्रहण होगा, लेकिन शनैश्चर जयंती के दिन सूर्य ग्रहण लगना बहुत ही महत्वपूर्ण घटना है। इस दिन जातकों को कुछ विशेष बातों को ध्यान में रखना बहुत जरूरी है। तो चलिए जानते हैं कि इस बार कहां-कहां दिखा देगा ग्रहण और शनि जयंती पर क्या सावधानियां बरतनी आवश्यक हैं।

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सूर्य ग्रहण 2021 (प्रतीकात्मक तस्वीर) - फोटो : demo
सूर्य ग्रहण का समय और दिखाई देने का स्थान
इस बार सूर्य ग्रहण भारत के हर हिस्से में नहीं देखा जा सकेगा। दोपहर 01 बजकर 42 मिनट पर सूर्य ग्रहण आरंभ हो जाएगा और शाम 06 बजकर 41 मिनट पर समाप्त होगा। ऐसे में इस ग्रहण की कुल अवधि लगभग पांच घंटे की होगी। यह ग्रहण दक्षिण अमेरिका, अंटार्कटिका, दक्षिण पश्चिम अफ्रीका, प्रशांत महासागर एवं आइसलैंड क्षेत्र आदि में देखा जा सकेगा।

इस बार सूर्य ग्रहण शनि जयंती को लगने वाला है। सूर्य देव शनिदेव की पिता है। इस समय शनि सूर्य के प्रभाव के कारण वक्री चाल में हैं इसलिए शनि जयंती के दिन सूर्य ग्रहण लगना जातकों को लिए कई आकस्मिक बदलावों के संकेत लेकर आ रहा है। शनिदेव की वक्री चाल के कारण ग्रहण का प्रभाव भी अत्यधिक बढ़ सकता है, इसलिए ग्रहणकाल में विशेष सावधानियां जरूर रखें।
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सूर्य ग्रहण 2021 (प्रतीकात्मक तस्वीर)
मान्यता है कि जब ग्रहण काल होता है तब पाप और पुण्य का प्रभाव कई गुना ज्यादा बढ़ जाता है। शनिदेव न्यायकर्ता हैं ग्रहणकाल में किसी को हानि न पहुंचाएं और न ही किसी के लिए अपने मन में किसी प्रकार से द्वेष की भावना रखें।
  • ग्रहण के समय लोहे के सामान, अस्त्र-शस्त्र या किसी भी प्रकार के औजार आदि को न छुएं,क्योंकि लोहा शनि की धातु मानी गई है। 
  • किसी भी भारी मशीनरी का काम न करें उसे कुछ समय के लिए टाल देना ही बेहतर होगा। ऐसे स्थान से दूर रहें जहां पर दलदली भूमि हो। 
  • भारतीय समय के अनुसार सूर्य ग्रहण रात्रि के समय लगेगा वैसे तो ग्रहण काल में सोना वर्जित होता है लेकिन रात्र में लगने के कारण शयन कर सकते हैं।
  • ग्रहण काल में सूर्य और शनिदेव के मंत्रों का जाप करना शुभ रहेगा।
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