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Shattila Ekadashi 2022: षटतिला एकादशी आज, तिल का इन 6 तरीकों से करें उपयोग, मिल सकता है मनोवांछित फल

Fri, 28 Jan 2022 07:30 AM IST
श्वेता सिंह ज्योतिष डेस्क, अमरउजाला, नई दिल्ली
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Shattila Ekadashi 2022
Shattila Ekadashi 2022: माघ महीने के कृष्ण पक्ष की एकादशी को षटतिला एकादशी के नाम से जाना जाता है। इस बार 28 जनवरी, शुक्रवार यानि आज षटतिला एकादशी का व्रत रखा जाएगा। माघ का महीना स्नान, दान और तप करने के लिए विशेष माह माना गया है। ऐसे में इस माह के कृष्ण पक्ष में पड़ने वाली षटतिला एकादशी का महत्व और भी बढ़ जाता है। षटतिला एकादशी पर भगवान विष्णु की आराधना करने और व्रत-पूजा एवं तिल दान करने से मनुष्य को सभी सुखों की प्राप्ति होती है। शास्त्रों में बताया गया है कि माघ मास के कृष्ण पक्ष की एकादशी समस्त पापों का नाश करती है। जितना पुण्य कन्यादान, हजारों वर्षों की तपस्या और स्वर्ण दान से मिलता है, उससे अधिक फल प्राणी को षटतिला एकादशी का व्रत करने से मिलता है। सनातन धर्म में एकादशी व्रत करने के कुछ नियम बताए गए हैं जिसका पालन करने पर पुण्य की प्राप्ति होती है। शातातप स्मृति ग्रंथ के अनुसार, इस दिन तिल का प्रयोग 6 कामों में करने का विधान है। तिल ये सृष्टि का पहला अन्न भी है। ग्रंथों में भी बताया गया है कि तिल की उत्पत्ति ब्रह्मा ने की है। इसलिए तिल के इस्तेमाल से शारीरिक परेशानियां भी दूर होने लगती है। आइए जानते हैं  तिल से जुड़े हुए उन 6 कार्य और उनके महत्व के बारे में- 
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Shattila Ekadashi 2022
तिल मिले हुए जल से स्नान
षटतिला एकादशी  के दिन तिल मिले हुए जल से स्नान करने का विधान है। धार्मिक मान्यताओं के अनुसार तिल के जल से स्नान करने से पाप से मुक्ति मिलती है। इसके साथ ही ठंड के मौसम में तिले मिले पानी से स्नान करने से त्वचा चमकदार और कोमल हो जाती है। 
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Shattila Ekadashi 2022
तिल का उबटन
षटतिला एकादशी  के दिन तिल का उबटन लगाने का भी नियम है।  मान्यता है कि तिल का उबटन लगाने के बाद स्नानं करने से भगवान विष्णु प्रसन्न होते हैं और साथ ही यदि आपको त्वचा संबंधी कोई दिक्कत है तो वो भी इससे दूर होती है। 

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Shattila Ekadashi 2022
तिल मिश्रित जल का सेवन 
षटतिला एकादशी  के दिन तिल मिश्रित जल पीने से अच्छी बुद्धि प्राप्त होती है और साथ ही धर्म कर्म संबंधी कार्यों की ओर रुझान भी बढ़ता है ।
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Shattila Ekadashi 2022
तिल से बनी वस्तुओं का सेवन 
षटतिला एकादशी  के दौरान तिल से बनी वस्तुओं का सेवन करने से न सिर्फ पापों से मुक्ति मिलती है बल्कि मोक्ष की भी प्राप्ति होती है। 
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Shattila Ekadashi 2022 - फोटो : getty images
तिल का दान
धर्म ग्रंथों के अनुसार, तिल का दान करने से भगवान विष्णु अपने भक्तों से प्रसन्न होते हैं और उन्हें मनोवांछित फल प्रदान करते हैं। इसके साथ ही यदि आप षटतिला एकादशी पर तिल का दान करते हैं तो पापों का नाश होता है।
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Shattila Ekadashi 2022 - फोटो : shutterstock
तिल से हवन
षटतिला एकादशी के दिन तिल से हवन करने का भी विधान है। तिल का हवन श्रद्धालुओं को सुख समृद्धि प्रदान करता है और श्रीविष्णु भी प्रसन्न होते हैं। इसके अतिरिक्त तिल के हवन करने से पर्यावरण भी शुद्ध रहता है। 
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