ज्योतिष गणना के अनुसार शनि के मकर राशि में होने से इस समय धनु,मकर और कुंभ राशि के जातकों पर शनि की साढ़ेसाती चल रही है। इसके अलावा मिथुन और तुला राशि के जातकों पर ढैय्या का प्रभाव है। कुंभ राशि के जातकों पर शनि की साढ़ेसाती 24 जनवरी 2022 से है जोकि 03 जून 2027 तक रहेगी।
shani dev: शनिदेव सभी ग्रहों में सबसे मंद गति से चलने वाले ग्रह है। शनिदेव को एक राशि से दूसरी राशि में जाने के लिए करीब ढाई वर्षों का समय लगता है।
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SHANI 2022: वैदिक ज्योतिष शास्त्र के अनुसार जब कोई ग्रह राशि या चाल बदलता है तो इसका व्यापक असर सभी राशियों के जातकों पर जरूर पड़ता है। ज्योतिष में शनि ग्रह का विशेष महत्व होता है क्योंकि यह मारक और सबसे मंद गति से चलने वाले ग्रह हैं। शनि किसी एक राशि में करीब ढाई वर्षों तक रहते हैं और इस दौरान बीच-बीच में वक्री और मार्गी होते रहते हैं। शनि बीते 12 जुलाई को मकर राशि में वक्री हुए थे और फिर 23 अक्तूबर को मकर राशि में मार्गी यानी सीधी चाल से चलने लगे हैं। जब भी कोई ग्रह मार्गी होता है तो इसका मतलब ग्रह अब सीधी चाल में गति कर रहे हैं। ग्रहों की मार्गी चाल से सभी राशियों पर इसका प्रभाव देखने को मिलता है। अब शनि के मकर राशि में मार्गी होने से कुछ लोगों को साढ़ेसाती और ढैय्या से मुक्ति मिलने वाली है। आइए जानते हैं शनि के मार्गी होने पर किन-किन राशियों को इसका फायदा मिलने वाला है।
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इन राशियों को शनि साढ़ेसाती और ढैय्या से मिलेगी मुक्ति
ज्योतिष गणना के अनुसार शनि के मकर राशि में होने से इस समय धनु,मकर और कुंभ राशि के जातकों पर शनि की साढ़ेसाती चल रही है। इसके अलावा मिथुन और तुला राशि के जातकों पर ढैय्या का प्रभाव है। कुंभ राशि के जातकों पर शनि की साढ़ेसाती 24 जनवरी 2022 से है जोकि 03 जून 2027 तक रहेगी। वैदिक पंचांग के अनुसार 17 जनवरी 2023 से तुला और मिथुन राशि के जातकों को शनि की ढैय्या से मुक्ति मिल जाएगी। इसके अलावा धनु राशि के लोगों को साढ़ेसाती से मुक्ति मिल जाएगी। इन राशियों से शनि की साढ़ेसाती से मुक्ति होने पर कार्यों में सफलताएं मिलनी आरंभ हो जाएंगी। नौकरी में प्रमोशन और मान-सम्मान में वृद्धि होगी।
अगले साल शनि कुंभ राशि में गोचर करने से मीन राशि पर साढ़ेसाती का पहला चरण शुरू हो जाएगा और धनु राशि वालों को साढ़ेसाती से मुक्ति मिल जाएगी। जनवरी 2023 से कुंभ, मकर और मीन राशि पर शनि की साढ़ेसाती आरंभ हो जाएगी। वहीं 2023 में कर्क और वृश्चिक राशि वालों पर शनि की ढैय्या शुरू हो जाएगी।
शनि साढ़ेसाती का प्रभाव कम करने के उपाय
- शनि दोष और साढ़ेसाती के प्रभाव को कम करने के लिए शनि बीज मंत्र ‘ ॐ प्रां प्रीं प्रौं सः शनये नमः’ का जप करें ।
- शनिवार के दिन हनुमान जी को तेल का दिया और लड्डू का भोग लगाएं।
- शनिवार के दिन तिल,तेल,काला उड़द,काला कपड़ा,लोहा और सरसों के तेल का दान करना शुभ लाभकारी होगा।
- शनिवार के दिन पीपल के पेड़ पर जल और तेल का दीपक जलाएं।
-शनिवार के दिन शनि मंदिर जाकर भगवान शनिदेव के दर्शन करें और तेल के दीये जलाएं।