भगवान शिव की आराधना का पवित्र महीना सावन शुरू हो चुका है। सावन का महीना 14 जुलाई से 12 अगस्त तक चलेगा। इस बार सावन के महीने में चार सोमवार आएंगे। जिसमें पहला 18 जुलाई को,दूसरा 25 जुलाई को, तीसरा 1 अगस्त और आखिरी सोमवार 08 अगस्त को है। सावन के महीने में सोमवार व्रत का विशेष महत्व होता है। इसी तरह से सावन के महीने में आने वाले शनिवार का भी काफी महत्व होता है। मान्यता है कि सावन सोमवार और शनिवार के दिन भगवान शिव की पूजा करने से ग्रह दोषों से मुक्ति मिलती है और जीवन में सुख-समृद्धि का वास होता है। इस बार सावन का पहला शनिवार 16 जुलाई को है।
शनिवार का दिन भगवान शनिदेव को समर्पित होता है। मान्यता है कि शनिवार के दिन शनिदेव की पूजा करने पर शनि समेत कई ग्रहों के दोष खत्म हो जाते हैं। सावन के महीने में भगवान शिव और शनिदेव दोनों की पूजा करने पर विशेष फल की प्राप्ति होती है। साथ ही सावन के महीने में पड़ने वाले पहले शनिवार पर कई राशि वालों के लिए विशेष माना जाता है। सावन माह में शनिदेव की पूजा करने का विशेष संयोग बन रहा है। सावन में शनिदेव की पूजा,दान और स्नान करने से शनिदेव के साथ भगवान शिव भी प्रसन्न होते हैं। जिन जातकों की कुंडली में शनि अशुभ भाव में होते हैं या फिर जिनके ऊपर शनि की साढ़ेसाती और ढैय्या चलती हो उन्हें सावन के महीने में पूजा करने पर राहत मिलती है।
शनिदेव भगवान शिव के भक्त
शनिदेव ने भगवान शिव को प्रसन्न करने के लिए कठोर तपस्या की थी तब भगवान शिव ने उनकी तपस्या से प्रसन्न होकर शनिदेव को सभी ग्रहों में न्यायाधीश की उपाधि दी थी। शास्त्रों में शनि की द्दष्टि के न ही देवता बच पाएं और मनुष्य।
इन पांच राशि वालों के लिए सावन का पहला शनिवार रहेगा खास-
शनि की साढ़ेसाती और ढैय्या का प्रभाव जातकों के ऊपर जरूर पड़ता है। जिन-जिन राशि के जातकों पर शनि की साढ़ेसाती और ढैय्या चल रही उनको कई तरह की परेशानियों का सामना करना पड़ता है। इस समय शनि मकर राशि में विराजमान है ऐसे में तीन राशियों पर शनि की साढ़ेसाती और दो राशियों पर ढैय्या चल रही है। इस समय मकर, कुंभ और धनु राशि पर साढ़ेसाती चल रही है और मिथुन और तुला राशि पर ढैय्या। धार्मिक मान्यताओं के अनुसार सावन के महीने में पड़ने वाले शनिवार के दिन अगर भगवान शिव की पूजा के साथ शनिदेव की भी विधि-विधान से पूजा की जाय तो व्यक्ति के कष्टों में कमी आती है।
शनि देव को प्रसन्न करने के उपाय
सावन महीने में विशेष रूप से शनिवार के दिन शनिदेव की पूजा करनी चाहिए। शनिवार का दिन शनिदेव को प्रसन्न करने के लिए समर्पित होता है। मान्यता है कि सावन में शनि उपाय के भगवान शनि के साथ-साथ भोलेनाथ भी प्रसन्न होते हैं। सावन शनिवार के दिन शनिदेव को सरसों के तेल से अभिषेक करना चाहिए और काले तिल, उड़द दाल और तेल का दान करना चाहिए। शनिवार के दिन शिव और शनि चालीसा दोनों का पाठ करना लाभकारी माना गया है। इसके अलावा पीपल के पेड़ के नीचे सरसों के तेल का दीपक जलाएं। इससे उपाय से शनिदोष से मुक्ति मिल जाती है।