Saturn Transit 2022: ज्योतिष शास्त्र में 9 ग्रहों का उल्लेख मिलता है। इन नव ग्रहों में शनि देव का बहुत ही खास स्थान है, शनि देवता को न्याय का देवता माना जाता है। शनि देव मनुष्य को उसके कर्म के अनुसार फल देते हैं इसलिए उन्हें आयु, दुख, रोग, पीड़ा, विज्ञान, तकनीकी, लोहा, खनिज तेल आदि का कारक माना जाता है। शनि देव मकर और कुंभ राशि के अधिपति हैं। जहां तुला राशि शनि की उच्च राशि है जबकि मेष इनकी नीच राशि मानी जाती है। शनि 29 अप्रैल को अपनी ही राशि कुंभ में गोचर करने जा रहे हैं और इस राशि के जातकों के लिए यह समय बहुत मुश्किल होगा। आइए जानते हैं किन राशि के जातकों को इस दौरान सावधानी बरतने की जरूरत होगी.