वैदिक ज्योतिष शास्त्र के अनुसार ग्रहों के राजकुमार, बुद्धि के दाता और व्यापार के कारक ग्रह बुध आज यानी 20 फरवरी को कुंभ राशि में प्रवेश कर चुके हैं। बुध कुंभ राशि में 07 मार्च तक रहेंगे फिर इसके बाद मीन राशि में गोचर होंगे। बुध के कुंभ राशि में गोचर करने से इस राशि में सूर्य और शनि के साथ युति बन गई है। आपको बता दें कि ग्रहों के राजा सूर्यदेव अभी कुंभ राशि में और शनि पहले से ही कुंभ राशि में विराजमान हैं। ऐसे में कुंभ राशि में बुध, सूर्य और शनि की युति बन गई है।
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वैदिक ज्योतिष में बुध ग्रह को राजकुमार का दर्जा हासिल है। बुध ग्रह बुद्धि, वाणी और तर्कशक्ति से संबंधित होता है। ऐसे में जिन जातकों की कुंडली में बुध ग्रह अच्छा रहता है व्यक्ति एक अच्छा वक्ता और तीव्र बुद्धि वाला होता है। वहीं जिन जातकों की कुंडली में बुध कमजोर होता है व्यक्ति को मानसिक परेशानियों से जूझना पड़ता है। वहीं सूर्य को ग्रहों का राजा, पिता और आत्मा का कारक ग्रह माना जाता है। बुध और सूर्य के बीच आपस में मित्रता का भाव रहता है। बुध-सूर्य की युति से बुधादित्य योग बनता है। इसके अलावा शनि को न्याय और कर्मफल दाता ग्रह माना जाता है। शनि के कुंभ राशि में होने से शश राजयोग का निर्माण हुआ है।
बुध-शनि-सूर्य के युति से इन राशियों को लाभ
वैदिक ज्योतिष शास्त्र की गणना के मुताबिक कुंभ राशि में बुध-सूर्य-शनि की युति से मेष,वृष,सिंह, तुला,धनु, मकर और कुंभ राशि के जातकों को लाभ मिल सकता है। कुंभ राशि में त्रिग्रही योग से इन राशि वालों के बहुत सारे अटके हुए कार्य पूरे होंगे। नौकरीपेशा जातकों को प्रमोशन और वेतनवृद्धि के संकेत हैं। कार्यो में आने वाली सभी तरह की बाधाएं दूर होंगी।
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इन राशियों के पर मिलाजुला असर
कुंभ राशि में बुध-शनि-सूर्य की युति से मिथुन, कन्या और वृश्चिक राशि के लोगों को आने वाला कुछ दिन मिलाजुला रहने वाला होगा। कार्यों में कुछ छोटी-मोटी दिक्कतों से निजात मिलेगी।
इन राशि वालों को रहना होगा सतर्क
कुंभ राशि में त्रिग्रही योग से कर्क और मीन राशि के जातकों को कुछ परेशानियों का सामना करना पड़ सकता है। बेवजह के खर्जों में इजाफा हो सकता है। लड़ाई-झगड़े होने के संकेत हैं। वाहन चलाते समय कोई दुर्घटना हो सकती है ऐसे में इन राशि वालों को सतर्क रहना होगा।